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चीन बनाम अमेरिका: 5 साल में चीन ने लॉन्च कीं 10 परमाणु पनडुब्बियां, अमेरिका रह गया पीछे

Published: Thu, 19 Feb 2026 02:00 AM (IST)

चीन ने पिछले पांच वर्षों में परमाणु-संचालित पनडुब्बियों के उत्पादन में भारी तेजी लाई है। इसके साथ ही वह इसे ...और पढ़ें

पनडुब्बियां बनाने में अमेरिका से आगे निकला चीन (फोटो- एक्स)

पनडुब्बियां बनाने में अमेरिका से आगे निकला चीन (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. पनडुब्बियां बनाने में अमेरिका से आगे निकला चीन

  2. इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फार स्ट्रैटेजिक स्टडीज की रिपोर्ट में दावा

  3. चीन परमाणु-संचालित पनडुब्बियों का उत्पादन तेजी से बढ़ाया

पीटीआई, बीजिंग। चीन ने पिछले पांच वर्षों में परमाणु-संचालित पनडुब्बियों के उत्पादन में भारी तेजी लाई है। इसके साथ ही वह इसे लांच करने के मामले में अमेरिका से आगे निकल गया है। एक थिंक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फार स्ट्रैटेजिक स्टडीज (आइआइएसएस) ने कहा कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी की न्यूक्लियर पावर्ड सब फोर्स में बैलिस्टिक मिसाइल और पनडुब्बियां दोनों शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 से 2025 के बीच चीन ने 10 पनडुब्बियां लांच कीं, जबकि अमेरिका ने सात ही लांच की। वजन के मामले में भी चीन आगे रहा। चीन ने 79,000 टन का तो अमेरिका ने 55,500 टन का बनाया।

यह बढ़ोतरी पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी के परमाणु-संचालित बेड़े में हुई है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल और युद्धक पनडुब्बियां शामिल हैं। हालांकि सक्रिय सेवा में शामिल पनडुब्बियों की संख्या में अब भी अमेरिका की बढ़त कायम है।

2025 की शुरुआत तक चीन के पास 12 सक्रिय परमाणु-संचालित पनडुब्बियां थीं, जिनमें छह बैलिस्टिक-मिसाइल और छह गाइडेड-मिसाइल या युद्धक पनडुब्बियां शामिल हैं। इसके मुकाबले अमेरिका के पास कुल 65 पनडुब्बियां हैं, जिनमें 14 बैलिस्टिक-मिसाइल पनडुब्बियां हैं। चीन के पास 46 परंपरागत (डीजल-इलेक्टि्रक) पनडुब्बियां भी हैं, जबकि अमेरिका के पास ऐसी कोई पनडुब्बी नहीं है।

जहाज निर्माण में भी तेजी रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने उत्तरी चीन में बोहाई शिपबि¨ल्डग हेवी इंडस्ट्री के हुलुदाओ यार्ड का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है। इसी बीच अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस ने हाल ही में कहा कि अमेरिकी नौसेना अपने सालाना दो वर्जीनिया-क्लास युद्धक पनडुब्बियां बनाने के लक्ष्य से पीछे चल रही है।

2022 के बाद से औसतन 1.1 से 1.2 पनडुब्बियां प्रति वर्ष ही बना पा रही है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बन चुकी है, जिसके पास 234 युद्धपोत हैं, जबकि अमेरिकी नौसेना के पास 219 है।