बीजिंग। दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से परेशान है और चीन अपने को मजबूत करते हुए तमाम तरह के उपग्रह प्रक्षेपण और रिसर्च करने के काम में लगा हुआ है। बीते दिसंबर माह से चीन में कोरोना का संक्रमण शुरू हुआ था, उसके बाद चीन ने इस पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए। चीन की जिस वुहान मीट मार्केट से वायरस के फैलने का अंदेशा जताया जा रहा था अब वहां पर जानवरों के कारोबार पर पाबंदी लगा दी गई है।

हालांकि अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि कोरोना वायरस चीन की वायरोलॉजी लैब से फैला है या वुहान की मीट मार्केट से। तमाम विशेषज्ञ इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं मगर अभी तक इसकी सच्चाई का पता नहीं चल पाया है।

इस बीच ग्लोबल टाइम्स के अनुसार चीन ने रविवार को एक हाइ रिजॉल्यूशन सैटेलाइट लॉन्च किया है। इस सैटेलाइट के जरिए वो जमीन का सर्वे करेगा और इंटरनेट की नैरोबैंड का भी इस्तेमाल करेगा। इस सैटेलाइट का नाम हैड-4 है। इस सैटेलाइट को चीन के ग्यात्सू प्रांत में जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से छोड़ा गया है। ये सैटेलाइट काफी उच्च क्षमता वाली है। इसमें गॉफ़न -9 02 (Gaofen-9 02) और संकीर्ण इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet of Things (IoT) satellite) भी शामिल हैं। इस हैड-4 को लॉन्ग मार्च -2 डी रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया है।

इस सैटेलाइट को चाइना हेड एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी द्वारा विकसित किया गया है और इसे वैश्विक जहाज नवीगा-टायन और वैश्विक उड़ानों के साथ-साथ IoT सूचनाओं का स्टेटस संग्रह करने का काम सौंपा गया है। Gaofen-9 02 एक ऑप्टिकल रिमोट सेंसिंग उपग्रह है जो मीटर से कम के रिज़ॉल्यूशन के साथ तस्वीरें प्रदान करने में सक्षम है। इसका उपयोग भूमि सर्वेक्षण, शहरी नियोजन, सड़क नेटवर्क डिजाइन, कृषि और आपदा राहत में किया जाएगा।

चीन इस उपग्रह की मदद से मिले चित्रों के जरिए प्रस्तावित बेल्ट और सड़क के निर्माण में इस्तेमाल करेगा। जिन क्षेत्रों में अभी तक चीन इस तरह से विकास के काम नहीं कर पा रहा था वहां पर इस उपग्रह के जरिए मिलने वाले चित्रों का अध्ययन करने के बाद काम किया जा सकेगा।

 

Posted By: Vinay Tiwari

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