बीजिंग (रॉयटर्स)। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि चीन को चीन के आयात पर नए टैरिफ के मुकाबले अपने हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए। मंत्रालय की वेबसाइट पर एक बयान के मुताबिक, चीन अमेरिका के एकतरफा फैसला का कड़ाई से विरोध करता है। चीन की बौद्धिक संपदा प्रथाओं में अमेरिकी 'धारा 301' जांच के संबंध में संरक्षणवाद का भी विरोध करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी आयात पर टैरिफ की घोषणा की है। एक व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा, अमेरिकी प्रौद्योगिकी की चोरी को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया। दुनिया के दो सबसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध की आशंका जताई जा रही है।

डोनाल्ड ट्रम्प चीन के खिलाफ सालाना 60 बिलियन अमरिकी डॉलर का एक पैकेज लगाने की तैयारी कर रहा है, जिसके चलते लंबे समय तक खतरा पैदा हो सकता है। जिसके अनुसार वह बौद्धिक संपदा के उल्लंघन के लिए चीन को दंडित करेगा और अमेरिकी नौकरियों को बनाने में मदद करेगा। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक वरिष्ठ सहयोगियों ने ट्रम्प को 30 बिलियन अमरिकी डॉलर के टैरिफ पैकेज के बारे में अवगत कराया है, जिसे कई उत्पादों पर लागू किया जाएगा। लेकिन ट्रम्प ने उन्हें नए व्यापारिक लेवी के दायरे को लगभग दोगुना करने का निर्देश दिया।

चीनी प्रधानमंत्री ली कचियांग ने मंगलवार को कहा था कि चीन संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध में प्रवेश नहीं करना चाहता और कहा कि युद्ध केवल दोनों पक्षों के बीच के संबंध को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने आगे कहा कि चीन और अमेरिका के बीच किसी भी व्यापार युद्ध में कोई भी विजेता नहीं होगा और उम्मीद है कि दोनों पक्ष शांत रहेंगे।

Posted By: Nancy Bajpai

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