बीजिंग (एजेंसी)। एक तरफ जहां पूरी दुनिया में श्रीलंका को बदहाल करने के लिए चीन को आड़े हाथों लिया जा रहा है वहीं चीन ने कहा है कि उसने ऐसा नहीं किया। चीन की तरफ से ये बयान USAID की प्रशासक समांथा पावर के बयान के बाद आया है। सामंथा ने श्रीलंका की बदहाली के लिए चीन को जिम्‍मेदार ठहराया था। उन्‍होंने श्रीलंका में चीन की परियोजना और नीतियों की भी आलोचना की थी। इन आरोपों के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजियन ने कहा है कि चीन ने हमेशा अपनी योजनाओं और मदद से श्रीलंका की अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत किया है। उन्‍होंने विश्‍व बिरादरी द्वारा चीन पर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। 

बता दें कि सामंथा पिछले सप्‍ताह भारत आई थीं। सामंथा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए झाओ ने कहा कि चीन ने श्रीलंका में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है, न की उसको दिवालिया बनाया है। उन्‍होंंने यहां तक कहा कि चीन की परियोजनाओं से श्रीलंका के लोगों का फायदा ही हुआ है। आपको यहांं पर ये भी बता दें कि श्रीलंका ने चीन से आर्थिक मदद मांगी थी, लेकिन चीन ने इसका जवाब देना भी श्रीलंका को मुनासिब नहीं समझा है।

श्रीलंका पर मौजूदा समय में 51 अरब  डालर का कर्ज है। इसमें एक बड़ी राशि विकास के नाम पर चीन से मिला कर्ज भी है। इस कर्ज को उतारने के लिए श्रीलंका को चीन ने ही दोबारा कर्ज भी दिया था। हालांकि इसके लिए नियम भी चीन ने ही तय किए थे। सामंथा पावर ने भारत दौरे के समय आईआईटी दिल्‍ली में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि श्रीलंका को चीन ने बिना साफ शर्तों के ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज दिया था। इसके चलते वो बदहाली की कगार पर पहुंच गया। इस मौके पर सामंथा ने भारत की सराहना करते हुए कहा था‍ कि उसने सही समय पर श्रीलंका को मदद पहुंचाई। 

 

Edited By: Kamal Verma