बीजिंग, एएनआइ। चीनी संसद ने मंगलवार को हांगकांग के लिए विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पारित कर दिया, दुनिया भर में इस कानून के खिलाफ आक्रोश और हांगकांग में विरोध को अनदेखी करते हुए चीन ने यह कदम उठाया है। दुनियाभर के आलोचकों का मानना है कि इस कानून से अर्धस्वायत्त क्षेत्र में मानवाधिकार पर गंभीर असर पड़ेगा। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (एससीएमपी) के अनुसार, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस स्टैंडिंग कमेटी द्वारा मंगलवार को अनुमोदित कानून में पूर्व के 10 साल की सीमा के विपरीत, जेल में अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। यह कानून एक जुलाई से लागू हो सकता है। 

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार सूत्रों ने एससीएमपी को बताया कि स्थायी समिति के 162 सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से कानून को सुबह 9 बजे शुरू होने वाली बैठक के 15 मिनट के भीतर पारित कर दिया गया। हांगकांग के केवल कुछ प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय विधायिका को कानून के मसौदे को पारित होने से पहले देखा। स्थिति से परिचित एक सूत्र ने सिन्हुआ को बताया कि दोपहर में इसका विवरण साझा किया जाएगा और पहली बार कानून को पूरी तरह से जनता के सामने पेश किया जाएगा।

1 जुलाई से हो सकता है लागू

1 जुलाई को ब्रिटिश शासन से चीन को शहर के हवाले करने की 23 वीं वर्षगांठ पर इस कानून के लागू होने की उम्मीद है। लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने रविवार को कानून के खिलाफ मौन मार्च निकाला। गैरकानूनी जमवाड़े  के आरोप में पुलिस ने उनमें से 53 लोगों को गिरफ्तार किया था।

कानून के खिलाफ घरेलू विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय आलोचना

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के संबंध में एक विधेयक पिछले महीने पेश किया गया था।  बीजिंग और हांगकांग दोनों नेतृत्व ने कहा था कि कानून को लागू करने का उनका पूरा अधिकार है।  इसके बावजूद कानून के खिलाफ घरेलू विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय आलोचना देखने को मिला। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों ने इस कानून का विरोध किया है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसे हांगकांग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए चीन द्वारा लाया गया है। 23 जून को यूरोपीय संसद ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष इस मुद्दे को उठाने के पक्ष में मतदान किया था। 18 जून को, ग्रुप ऑफ सेवन (G7) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर चीन से हांगकांग पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का जोरदार आग्रह किया।

विवादास्पद कानून में छह अध्याय और 66 लेख

बता दें कि इस विवादास्पद कानून में छह अध्याय और 66 लेख हैं। इसमें हांगकांग की राष्ट्रीय सुरक्षा, अपराधों और दंड, अधिकार क्षेत्र और कानून प्रवर्तन के प्रावधान शामिल हैं। मसौदा दस्तावेज में राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में चीनी अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारियों की सूची है, साथ ही इसे बनाए रखने के लिए हांगकांग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून हांगकांग निवासियों को एक देश दो प्रणाली समझौते के तहत मिलने वाली नागरिक स्वतंत्रता को खत्म कर देगा।  यूनाइटेड किंगडम ने 1997 में चीन को वापस क्षेत्र सौंप था, तब से यह समझौता लागू है।

Posted By: Tanisk

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