बीजिंग [एपी/रायटर]। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ने उइगर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों का समर्थन किया है। चीन ने इस अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव बनाने के लिए लाखों लोगों को नजरबंद किया है। पार्टी के अखबार ने कहा है कि यह कदम उत्तर पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग को चीन का सीरिया या लीबिया बनने से रोकने के लिए उठाया गया है।

पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने सोमवार के संपादकीय में दमनकारी कदमों का समर्थन किया है। यह संपादकीय संयुक्त राष्ट्र की भेदभाव विरोधी समिति द्वारा उइगर समुदाय के साथ चीन के दमनकारी व्यवहार पर चिंता जताने के बाद आया है। यूएन समिति ने बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरों का हवाला देते हुए कहा है, 'यह विशाल हिरासती कैंप है जो रहस्य के पर्दे में छिपाने जैसा है।'
In this Nov. 5, 2017, photo, a residents watch a convoy of security personnel and armored vehicles in a show of force through central Kashgar in western China's Xinjiang region.

कट्टरपंथी मुस्लिम अलगाववादियों के हमले के बाद शिनजियांग उइगर समुदाय के लाखों लोगों को कैंपों में बंदी बना लिया गया है। इन कैंपों में उन्हें इस्लाम की निंदा और पार्टी के प्रति वफादारी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि यह कदम शिनजियांग में शांति स्थापित करने और उसे समृद्ध बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

चीन ने हिरासत में रखने के आरोपों का खंडन किया
जेनेवा। चीन ने यूएन समिति के आरोपों का खंडन किया है। समिति ने हिरासती कैंपों में 10 लाख उइगरों को बंदी बनाकर रखने का आरोप लगाया है। लेकिन यह भी कहा है कि कट्टरपंथियों के बहकावे में आए कुछ लोगों को शिक्षित किया गया है। सीपीसी सेंट्रल कमेटी के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट के उप महानिदेशक हू लिआन्हे ने कहा कि शिनजियांग क्षेत्र में अधिकारी सभी नागरिकों के अधिकारियों का पूरी तरह से संरक्षण कर रहे हैं।

Posted By: Vikas Jangra

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