विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'दोनों देश मतभेद सुलझाकर बनें अच्छे पड़ोसी', चिनफिंग के भारत दौरे से पहले बदले चीन के सुर

Published: Fri, 11 Sep 2026 03:34 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 11 Sep 2026 03:43 PM (GMT+05:30)

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे से पहले चीन ने कहा है कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को ...और पढ़ें

7 साल बाद भारत आ रहे चिनफिंग (फाइल फोटो- रॉयटर्स)

7 साल बाद भारत आ रहे चिनफिंग (फाइल फोटो- रॉयटर्स)

HighLights

  1. चिनफिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत आ रहे हैं

  2. चीन ने कहा, भारत-चीन मतभेद सुलझाकर अच्छे पड़ोसी बनें

  3. यह सात वर्षों में शी की पहली भारत यात्रा होगी

डिजिटल डेस्क, बीजिंग। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग भारत आ रहे हैं। चिनफिंग के भारत आने से ठीक पहले चीन का बड़ा बयान सामने आया है।

दरअसल, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को कहा कि शुक्रवार को कहा कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाना चाहिए और दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक व दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।

सात साल बाद चिनफिंग की भारत यात्रा

चिनफिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे, यह लगभग सात वर्षों में उनकी पहली भारत यात्रा होगी। शनिवार को शिखर सम्मेलन से इतर उनका पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करने का कार्यक्रम है।

जब चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से पूछा गया कि चीन मोदी-शी की बैठक को किस तरह देखता है, तो उन्होंने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कजान और तियानजिन के बाद यह लगातार तीसरा साल होगा जब दोनों नेता आपस में मिलेंगे।

अच्छे पड़ोसी और साझेदार के रूप में आगे बढ़ेंगे

माओ निंग ने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के आधार पर भारत के साथ काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से संभालेगा, आपसी मतभेदों को ठीक से सुलझाने के लिए बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देगा, और एक-दूसरे की मदद करने वाले अच्छे पड़ोसी और साझेदार के रूप में आगे बढ़ेगा।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बारे में माओ ने कहा कि यह उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच एकजुटता और सहयोग का एक प्रमुख मंच बन चुका है। अपनी शुरुआत से ही ब्रिक्स देशों ने खुलेपन, समावेशिता और परस्पर लाभ (विन-विन सहयोग) की भावना को बनाए रखा है।

उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स बहुपक्षवाद, निष्पक्षता और न्याय को कायम रखते हुए साझा विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आज यह 'ग्लोबल साउथ' की आवाज बनकर सबसे आगे खड़ा है। चीन ब्रिक्स को बहुत महत्व देता है और इसके सहयोग कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेता है।

क्यों अहम है चिनफिंग की भारत यात्रा?

चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग की यह भारत यात्रा दो प्रमुख एशियाई शक्तियों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने और वैश्विक उथल-पुथल के बीच ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इससे पहले चिनफिंग 2019 में मामल्लापुरम, 2016 में गोवा और 2014 में दिल्ली का दौरा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी।

चिनफिंग की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 2020 के पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद लंबे समय तक गतिरोध के बाद संबंधों को सामान्य बनाने के भारत और चीन के प्रयासों के बीच हो रही है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- BRICS समिट में शामिल होने दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा, 'एकतरफा रवैये का मुकाबला करेंगे'

यह भी पढ़ें- पुतिन आ गए, कल पहुंचेंगे चिनफिंग... BRICS समिट में क्या-क्या होगा? मिनट-टू-मिनट पूरा शेड्यूल

यह भी पढ़ें: देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिएHindi News देखें। मौसम, चुनाव और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट के लिएआज का मौसम,चुनाव 2026,Breaking News औरePaper News पर जाएं।