वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से दुनिया को वाकई बड़ा खतरा है। चीन की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वह अहम मौके पर भी सच नहीं बोलता। चीन से रिश्तों को लेकर ट्रंप प्रशासन सही दिशा में कदम उठा रहा है। हम हर कीमत पर अमेरिकी लोगों की आजादी सुरक्षित और सुनिश्चित करेंगे।

पोंपियो ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से वास्तविक खतरे को 2015 में ही भांप लिया था। यही कारण है कि सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसकी पहली झलक व्यापार के मुद्दे पर दिखी। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हमारी बौद्धिक संपदा चुरा कर वापस हमें ही बेच रही थी। चीनी सरकार द्वारा प्रायोजित कंपनियां साइबर चोरी में लिप्त थीं और हमें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रही थीं।

आज की दुनिया में कोई देश ऐसा नहीं करता। चीन की करतूतों से अमेरिका में नौकरियां खत्म हो रही थीं क्योंकि बौद्धिक संपदा ही हमारे देश में रोजगार के अच्छे अवसर पैदा करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पहले चरण के व्यापार समझौते को लेकर चीन अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेगा। हम देखेंगे कि चीन क्या करता है। पोंपियो ने कहा, चीन के साथ काम करने की गुंजाइश खत्म नहीं हुई है। हम चीनी जनता की भलाई चाहते हैं। लेकिन इसके लिए अमेरिका की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की बलि नहीं चढ़ा सकते।

कोरोना महामारी पर एक सवाल के जवाब में पोंपियो ने कहा कि कोरोना चीन से फैलने वाला पहला वायरस नहीं है। चीनी शासन की सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि वे सच नहीं बोल पाते। वायरस कैसे फैला, छह महीने बाद भी वे इसकी जांच तक कराने को तैयार नहीं है। बकौल पोंपियो, अमेरिका सुनिश्चित करना चाहता है कि अगली शताब्दी भी आधुनिक, लोकतांत्रिक और स्वतंत्रता प्रेमी हो। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग दुनिया में एक देश के प्रभुत्व वाला मॉडल कायम करना चाहते हैं। 

Posted By: Vinay Tiwari

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