बीजिंग, एपी। चीन ने एक बार फिर ताइवान पर निशाना साधा है। उसने कहा है कि ताइवान की स्वायत्त सरकार उस द्वीप को चीन में मिलाने की कोशिशों में बेजा रुकावट डाल रही है। यह किसी तेज रफ्तार कार को अपनी बाहें फैलाकर रोकने की कोशिश करने जैसा है। इससे पहले चीन ने द्वीप के राजनीतिक एकीकरण के लिए 'वन कंट्री, टू सिस्टम' की रूपरेखा तैयार की थी। इसे खारिज करने के लिए ताइवान की राष्ट्रपति साइ यिंगवेन ने दिशानिर्देश जारी कर दिए थे। साइ के इस कदम से चीन भड़क गया है।

ताइवान से जुड़े मामलों के चीनी मंत्रालय के प्रवक्ता ने साइ पर दोनों पक्षों के रिश्ते खराब करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि साइ केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए ताइवानी नागरिकों की खुशहाली का बहाना रही हैं। ताइवान की स्वतंत्रता की समर्थक साइ 2016 में राष्ट्रपति चुनी गई थीं। अगले साल वहां दोबारा चुनाव होने हैं। ताइवान चीन से 1949 में अलग हुआ था। चीन का कहना है कि ताइवान उसका ही हिस्सा रहा है इसलिए उसे वापस लाने के लिए वह हरसंभव कदम उठाएगा।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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