बीजिंग, एएनआइ। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की मदद करने के लिए चीन ने भारत की सराहना की है।   एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान (Chinese Foreign Ministry Spokesperson Zhao Lijian) ने कहा, 'श्रीलंका की मदद करने वाले भारत की चीन सराहना करता है।' 

लिजियान ने कहा, 'भारत सरकार ने श्रीलंका की मदद के लिए काफी कुछ किया है। हम उन प्रयासों की सराहना करते हैं। इस क्रम में श्रीलंका व अन्य विकासशील देशों की मदद करने वाले भारत और अन्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय   के साथ काम करने के लिए चीन तैयार है।' श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में चीनी प्रवक्ता ने  कहा, 'चीन की सरकार इस तरह के कामों में अपना पूरा सहयोग देगी और श्रीलंका को मदद मुहैया कराएगी।' 

 6 जून को राजपक्षे ने एक इंटरव्यू में कहा था कि चीन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं मिली है जबकि श्रीलंका ने 1 बिलियन डालर का कर्ज भी मांगा था। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लग रहा कि अब चीन का फोकस साउथ ईस्ट एशिया और अफ्रीका की ओर चला गया है। इसके जवाब में चीनी प्रवक्ता ने बताया कि बीजिंग की ओर से श्रीलंका पर नजर रखी जा रही है और श्रीलंका जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है उसे लेकर चिंतित भी है। हाल में ही श्रीलंका के विदेश मंत्री जीएल पेइरिस ने कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले से मिलकर भारत की एक अच्छे पड़ोसी का धर्म निभाने के लिए प्रशंसा की है।

श्रीलंका ने खाद्य सुरक्षा के लिए भी मांगी भारत की मदद

इसी हफ्ते आर्थिक संकट में घिरे श्रीलंका ने यूरिया खरीद के लिए भारत से साढ़े पांच लाख डालर का कर्ज मांगा है। कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। श्रीलंका सरकार का कहना है कि भारत आयात-निर्यात बैंक के जरिये उक्त राशि देने पर सहमत हो गया है। श्रीलंका के कृषि मंत्री महिंदा अमरवीरा ने खाद्य सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण के लिए भी भारत से मदद मांगी है। वहीं, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईधन आपूर्ति को लेकर देश के लिए अगले तीन सप्ताह बेहद कठिन हैं। उन्होंने जनता से गैस और ईधन का किफायत से इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है। विक्रमसिंघे ने बताया था कि संयुक्त राष्ट्र ने मानवीय मदद के रूप में चार महीने में 4.8 करोड़ डालर देने की तैयारी में है।

भारत ने श्रीलंका को सौंपी जीवन रक्षक दवाएं और राहत सामग्री

इस सप्ताह के शुरुआत में भारत ने श्रीलंका के अस्पतालों और लोगों को जीवन रक्षक दवाएं, चिकित्सकीय उपकरण और राहत सामग्री सौंपी। यह कदम कर्ज में डूबे देश की मदद में अपनी ओर से दी जा रही सहायता के तहत उठाया है। इस खेप से हमबनटोटा जनरल अस्पताल, जाफना टीचिंग अस्पताल और उत्तरी प्रांत के किलिनोच्चि और वावुनिया जिलों में लोगों को आपूर्ति की गई है।हमबनटोटा में भारतीय महावाणिज्यदूत ने ट्वीट किया, 'हमबनटोटा जनरल अस्पताल को भारत की ओर से सहायता। महावाणिज्यदूत ने सोमवार को 6.4 टन दवाएं और आवश्यक चिकित्सकीय आपूर्ति हमबनटोटा अस्पताल को सौंपी। इस सहयोग के लिए हमबनटोटा अस्पताल के निदेशक डा. सुरांगा उबेयसेकरा ने भारत को धन्यवाद कहा है।' जाफना में भारतीय महावाणिज्यदूत ने भी ट्वीट किया, 'जाफना टीचिंग अस्पताल को जीवन रक्षक दवाएं और चिकित्सकीय उपकरण मिले। कार्यकारी निदेशक डा. नंदकुमार ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया।

श्रीलंका अभी अपने सबसे खराब आर्थिक दौर से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा की कमी के कारण ईधन, रसोई गैस और अन्य आवश्यक सामान के लिए लंबी कतारें लगने लगीं। लंबे समय तक बिजली गुल रहने और खाद्य पदार्थो के दाम आसमान छूने के कारण देश के लोग परेशान हैं।

Edited By: Monika Minal