बीजिंग, प्रेट्र। 1989 में बीजिंग के लैंडमार्क पर कब्जा करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने वाले चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली पेंग के सम्मान में सोमवार को तियानमेन चौक पर चीनी झंडे को आधा झुका कर रखा गया। पिछले हफ्ते ही 90 साल की उम्र में एक अज्ञात बीमारी से मरने वाले ली पेंग को 4 जून, 1989 को लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों में सैन्य क्रूर दमन में उनकी भूमिका के लिए 'बीजिंग के कसाई' के रूप में जाना जाता है। लेकिन उनकी मौत के बाद मीडिया ने उनको एक 'परीक्षित और निष्ठावान कम्युनिस्ट सैनिक' कहा, जिन्होंने 30 साल पहले उथल-पुथल को रोकने के लिए निर्णायक कदम उठाए थे। तियानमेन में सोमवार को झंडा उठाने वाले समारोह में सैनिकों ने झंडे को आधा झुकाया, इसे सैकड़ों पर्यटकों ने राजधानी में बारिश के बीच देखा।

केंद्रीय शानक्सी प्रांत से आने वाले एक व्यक्ति ने कहा, 'वह दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति थे।" सरकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक ली पेंगे का सोमवार को बीजिंग में अंतिम संस्कार किया जाएगा। ली पेंग के सम्मान में महान हॉल के साथ-साथ अन्य सरकारी भवनों, हवाई अड्डों और चीनी दूतावासों पर भी झंडा आधा झुकाकर रखा जाएगा। 1998 तक ली पेंगे 11 सालों तक चीन के प्रधानमंत्री रहे।वह 2003 तक चीन की रबर-स्टैम्प संसद के अध्यक्ष भी रहे। हालांकि सैनिकों को भेजने का निर्णय सर्वोपरि नेता देंग जियाओपिंग के तहत एक सामूहिक था, ली को खूनी दरार के लिए व्यापक रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था।

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Posted By: Shashank Pandey

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