नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। हर साल की तरह इस बार भी चीन एक अक्टूबर को अपना 70वां राष्ट्रीय दिवस मनाने जा रहा है। लेकिन इस वर्ष का राष्ट्रीय दिवस राष्ट्रपति शी चिनफिंग के लिए बहुत अहम है क्योंकि एक अक्टूबर, 1949 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना होने के साथ ही देश में कम्युनिस्ट पार्टी शासन के भी सत्तर साल पूरे हो जाएंगे। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अपने पड़ोसी उत्तर कोरिया से लगभग एक साल कम इतिहास की दूसरी सबसे लंबी सत्ताधारी पार्टी है। तभी इस बार राष्ट्रीय दिवस के आयोजन में चीन अपनी ताकत के हर आयाम की झलक दिखाने को तैयार है।

क्या है इतिहास?

कम्युनिस्ट पार्टी के तत्कालीन नेता माओत्से तुंग (माओ) ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी कब्जे के अंत के बाद राष्ट्रवादी पार्टी या कुओमिनटांग के साथ चार साल के गृहयुद्ध के बाद 1 अक्टूबर, 1949 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की थी। 1911 र्में चिंग राजवंश का अंत करने वाली चीनी क्रांति के बाद खाली हुई सत्ता को भरने के लिए दोनों पक्ष दशकों से लड़ रहे थे। 1949 में चीन में साम्यवादी सरकार आने के बाद अमेरिका ने दशकों तक बीजिंग के साथ अपने राजनयिक संबंध बंद रखे। राष्ट्रवादी पार्टी और 15 लाख शरणार्थी ताइवान के द्वीप पर भाग गए, जहां उन्होंने एक प्रतिद्वंद्वी सरकार स्थापित की।

अभेद्य हथियारों का प्रदर्शन

लगभग 15,000 कर्मचारी, 160 से अधिक विमान और अलग अलग किस्म के 580 हथियार और उपकरण के साथ चीन सैन्य परेड के दौरान दुनिया के कुछ सबसे उन्नत हथियारों का प्रदर्शन कर सकता है। इनमें से डीएफ-41 मिसाइल, जेएल-2 सबमरीन लांच बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम), डीएल-17 मिसाइल, एच-6एन बमवर्षक विमान, डीआर-8 ड्रोन, शार्प स्वार्ड ड्रोन और ड्रोन सबमरीन प्रमुख हैं।

कड़ी सुरक्षा

सुरक्षा के मद्देनजर कोई भी उड़ने वाली चीज जैसे गुब्बारे, लालटेन, पतंग और ड्रोन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए हांगकांग के अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए शहर में हर साल होने वाले आतिशबाजी समारोह पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इसलिए भी है महत्वपूर्ण इस समारोह को भव्यता से मनाये जाने का एक कारण यह भी है कि 1990 के बाद से सबसे धीमी वार्षिक आर्थिक वृद्धि, अमेरिका के साथ ट्रेड वार और हांगकांग में लोकतंत्र की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन जैसी चुनौतियों से जूझने के बाद भी चीन दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि दक्षिण एशिया में उसकी हनक आज भी पहले की तरह बरकरार है।

ऐतिहासिक आयोजन

बीजिंग के थ्येनआनमन चौक पर इस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रमों की शुरुआत सबसे पहले सैन्य परेड से होगी। 80 मिनट तक चलने वाली इस सैन्य परेड को देखने के लिए हजारों दर्शकों के आने की उम्मीद है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग परेड में शामिल सेना की सलामी लेंगे। इसके बाद मार्च पास्ट होगा, जिसमें संयुक्त सैन्य संगीत बैंड शामिल होंगे। इसी दौरान सत्तर हजार सफेद कबूतर और सत्तर हजार रंगीन गुब्बारे छोड़े जाएंगे। वहीं शाम को लोग आतिशबाजी का आनंद उठाएंगे।

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Posted By: Sanjay Pokhriyal

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