बीजिंग,एएनआइ। चीन ने अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए तुर्की से  कहा है कि वह उत्तरी सीरिया में अपने सैन्य अभियान को बंद करे और कूटनीति में वापस लौटे। इस बात की जानकारी खुद चीन के विदेश मंत्रालय ने दी है। 

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि विदेश मंत्रालय द्वारा कहा गया कि  चीन अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में बल के इस्तेमाल का विरोध करता है। हम मानते हैं कि सभी पक्षों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और उद्देश्यों का पूरी तरह से निरीक्षण करना चाहिए, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मानदंडों के अंदर ही मुद्दे के अंदर एक राजनीतिक और कूटनीतिक समझौते के तरीकों की तलाश करनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए हम तुर्की से शत्रुता को रोकने और राजनीतिक समाधान के सही रास्ते पर लौटने का आग्रह करते हैं। चीन का ये बयान उत्तरी सीरिया में आक्रामक शुरुआत करने के बाद आया है। दरअसल, सीरिया में कुर्द लड़ाकों के खिलाफ तुर्की ने हमला किया था।  संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी अपने सैनिकों को तुर्की के आक्रामक इलाकों से बाहर निकालना शुरू कर दिया और बाद में मदद के लिए सीरिया का रुख किया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने पहले ही चिंता व्यक्त की है कि तुर्की की घुसपैठ क्षेत्र में मानवीय स्थिति को खराब कर सकती है और सीरिया संकट को हल करने के प्रयासों में बाधा डाल सकती है।

तुर्की को अमेरिका से भी झटका 

तुर्की सीरिया के इलाकों में आक्रामक रुर अपना रहा है। वहीं उसे अपनी इस कार्यवाही को लेकर सभी जगहों से झटके लग रहे हैं।  कुर्द लड़ाकों के खिलाफ तुर्की के हमले को लेकर फ्रांस और दर्मनी ने उसके हथियारों के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी थी। उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तुर्की को आगाह करते हुए कहा है कि अगर वह अपने हमले नहीं रोकता है तो अमेरिका उसे बर्बाद कर देगा। इसके बाद ट्रंप ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तुर्की के साथ 100 मिलियन यूएस डॉलर की डील खत्म करने की भी घोषणा कर दी है। 

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