तियानजिन, एपी। चीन के तियानजिन में सोमवार से अमेरिका के साथ उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हुई जिसके लिए बीजिंग ने अमेरिका पर द्विपक्षीय संबंध में गतिरोध का आरोप लगाया है। चीन के उप विदेश मंत्री शी फेंग ने अमेरिका की नीतियों को खतरनाक और मानसिकता को गलत बताते हुए इसमें बदलाव लाने को कहा है। शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, उपविदेश मंत्री शी ने अपने अमेरिकी समकक्ष वेंडी शरमन से बातचीत में कहा कि चीन अमेरिका के बीच संबंधों में अभी गतिरोध है, क्योंकि कुछ अमेरिकी चीन को दुश्मन के तौर पर आंकने लगे हैं।

बता दें कि अमेरिकी उप विदेश मंत्री शरमन और अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी सोमवार को ही यहां पहुंचे हैं। अमेरिका व चीन संबंधों के प्रभारी शेई फेंग और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ शरमन तियानजिन के रिसार्ट में बैठक करेंगी।

इसी साल अमेरिका के नए राष्ट्रपति बने जो बाइडन द्वारा देश की कमान संभाले जाने के बाद शरमन चीन का दौरा करने वाली पहली शीर्ष अमेरिकी अधिकारी हैं। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में चीन व अमेरिका के आपसी संबंध काफी खराब हो गए और प्रौद्योगिकी, साइबर सिक्योरिटी, मानवाधिकार समेत कई मामलों पर दोनों के बीच तनावपूर्ण हालात हैं।

शनिवार को एक साक्षात्कार में वांग ने अमेरिका के बर्ताव पर सवाल उठाया और कहा कि यह अपनी ताकत का इस्तेमाल अन्य देशों को दबाने में कर रहा है। उन्होंने चीन के फिनिक्स टेलीविजन को बताया, 'चीन दूसरे को कुचलने वाले किसी भी देश को स्वीकार नहीं करेगा। यदि अमेरिका दूसरे देशों के साथ एक समान व्यवहार करना नहीं सीख सकता तो चीन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसे सीखने में अमेरिका की मदद करनी होगी।'

बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि इन वार्ताओं का मकसद किसी विशेष मामले पर चर्चा नहीं, बल्कि उच्च स्तरीय संवाद के माध्यम खुले रखना है। बाइडन और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच भी अक्टूबर अंत तक रोम में जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग बैठक होने की संभावना है।

Edited By: Tilakraj