बीजिंग, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लद्दाख दौरे से चीन चिढ़ गया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पीएम के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी पक्ष ऐसा कुछ भी न करें जिससे दोनों देशों के बीच माहौल और ज्यादा खराब हो।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने अपनी ब्रिफिंग में कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक माध्यमो से बातचीत जारी है। इस समय किसी भी पक्ष को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे की दोनों देशों के बीच और तनाव बढ़े।

लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के बीच पीएम मोदी शुक्रवार सुबह सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ अचानक लेह के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गलवन में घायल सैनिकों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। इसके अलावा पीएम मोदी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेना की तैयारियों का जायजा भी लिया। निमू में पीएम मोदी ने सेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ बातचीत की। सिंधु नदी के तट पर 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह बेहद कठिन इलाकों में से एक है।

बता दें कि लद्दाख में 15-16 जून को गलवन घाटी में चीन के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। तब से भारत-चीन सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। चीनी सैनिकों ने डी-एस्केलेशन के दौरान एकतरफा स्थिति बदलने का प्रयास किया था। पिछले महीने से चल रहे सीमा तनाव को कम करने के लिए दोनों देश बातचीत का दौर जारी है। हालांकि दोनों देशों ने एलएसी पर सैनिकों की तैनाती में इजाफा किया है।

Posted By: Manish Pandey

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