बीजिंग,रायटर। कश्मीर भारत का हिस्सा है, इस बात में किसी को कोई दोहराए नहीं होना चाहिए। भारत सरकार द्वारा 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से Article 370 हटा दिया गया और राज्य से विशेष दर्जा वापस ले लिया। पाकिस्तान को इससे झटका लगा, क्योंकि वह 70 सालों से घाटी में अपने गलत मंसूबों के लिए काम कर रहा है, लेकिन भारत ने एक झटके में जम्मू-कश्मीर में तमाम सुविधा और विकास के मद्देनजर अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया। पाकिस्तान ने दुनिया के मंच से कश्मीर का मुद्दा उठाया, हालांकि, उसे इस मामले पर कुछ हासिल नहीं हुआ।

भारत और पाकिस्तान खुद मिलकर सुलझाएं

पाकिस्तान, चीन को अपना साथी बताता रहा है और देखा जाए तो हर बार चीन ने भी पाकिस्तान के हर कदम पर संतौष जताया है। दो हफ्ते पहले चीन ने कश्मीर मसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र चार्टर और प्रस्तावों का राग अलापा था। हालांकि, राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे से पहले ही चीन के तेवर कश्मीर मुद्दे को लेकर बदल गए थे, और बयान आया था कि कश्मीर मसला भारत और पाकिस्तान खुद मिलकर सुलझाएं।

हालांकि, जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वो ही खबर चीनी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर आने से पहले सुर्खियों में आ गई है। बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बीजिंग में मुलाकात की है। इसके बाद समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की तरफ से एक बयान जारी किया, जो साफ तौर पर चीन की चालबाजी को दिखाता है। मसलन, 'पाकिस्तान के सामने चीन पाकिस्तान का और भारत के सामने चीन भारत का'।

पाकिस्तान का समर्थन करेंगे

समाचार एजेंसी सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बुधवार को कहा कि वह कश्मीर के हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पाकिस्तान को उसके मूल हितों से जुड़े मुद्दों का समर्थन करेंगे। शी ने बीजिंग में एक बैठक के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा कि स्थिति का सही और गलत होना स्पष्ट है।

हालांकि, इस दौरान भी शी ने कहा कि पक्षों को शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से विवाद को हल करना चाहिए। ऐसे में अब देखा जाए तो एक तरफ चीन की तरफ से बयान आता है कि दोनों एक साथ बातचीत के जरिए मुद्दे को हल करे और दूसरी तरफ वह पाकिस्तान का खुले तौर पर समर्थन कर रहे है।

यहां आपको यह भी बता दें कि भारत साफ कर चुका है कि वह अब कश्मीर पर बात नहीं करेगा, अगर बात होगी तो वो सिर्फ POK पर होगी। चिनफिंग शुक्रवार(11 अक्टूबर) को चेन्नई(भारत) पहुंचेंगे। शनिवार को तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर मामल्लापुरम (महाबलीपुरम) में दोनों नेताओं(नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग) की मुलाकात होगी।

Posted By: Nitin Arora

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