बीजिंग, एफपी। चीन इस वक्त कोरोना वायरस के प्रकोप का सामना कर रहा है। इस बीच चीन सरकार ने इस वायरस से निपटने की तैयारियों की आलोचना करने वाले प्रसिद्ध कार्यकर्ता शि जियोंग (Xu Zhiyong) को गिरफ्तार कर लिया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कोरोना वायरस से निपटने को लेकर उन्होंने आलोचना की थी। इसके बाद से ही वह गायब थे। एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता शि जियोंग कई हफ्तों से गायब थे। अब पता चला है कि उन्हें चीन के ग्वांगझू (Guangzhou) सिटी से गिरफ्तार किया गया है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल में काम कर रहे चीन के रिसर्चर पैट्रिक पून (Patrick Poon) ने आरोप लगाया कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी साल 2012 से नागरिक आधिकारों का हनन कर रही है। आरोप है कि शी के सत्ता संभालने के बाद से नागरिकों, वकीलों, श्रमिकों, कार्यकर्ताओं और यहां तक कि मार्क्सवादी छात्रों को नजरबंद करने के मामले बढ़ गए हैं। पैट्रिक का दावा है कि इस महीने जब चीन में एक डॉक्टर ने कोरोना वायरस के बारे में आवाज उठाना चाही तो सरकार ने उसकी आवाज दबा दी। उधर, शि जियोंग की गिरफ्तारी पर चीनी पुलिस ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

शि जियोंग पर है सभा तोड़ने का आरोप

शि जियोंग पर आरोप है कि उन्होंने एक दिसंबर को आयोजित एक सभा में सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिये थे। इसके बाद से वह लापता थे। इसके बाद कई वकीलों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। शि जियोंग ने छिपने के बाद भी लगातार सोशल मीडिया पर चीन सरकार की आलोचना जारी रखी।

गायब होने के बाद भी की चीनी सरकार की आलोचना

4 फरवरी को सोशल मीडिया पर शि जियोंग सोशल मीडिया पर एक लेख लिखा था। इसमें उन्होंने कई मुद्दों पर चीन सरकार के असफल नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। इसमें यूएस-चीन ट्रेड वॉर, हांग कांग प्रदर्शन और कोरोना वायरस जैसे मुद्दे शामिल थे। इस दौरान उन्होंने लिखा कि चीन में कोरोना वायरस के चलते लगातार मौत हो रही है। इस दौरान राज्य में सभी मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं। कोरोना के चलते सभी अस्पताल मरीजों से भरे हुए हैं और लोगों को इसका इलाज नहीं मिल पा रहा है।

Posted By: Pooja Singh

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