बीजिंग, एपी। ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई से बौखलाए चीन ने कहा है कि अमेरिकी एजेंसियां उसके छात्रों और शोधकर्ताओं की निगरानी कर रही हैं, उनका उत्पीड़न कर रही हैं और उनसे अकारण पूछताछ कर रही हैं। ये छात्र और शोधकर्ता अमेरिका में पढ़ाई के लिए गए हुए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन का यह बयान कैलिफोर्निया में एक विश्वविद्यालय की शोधकर्ता चीनी छात्रा को जमानत न मिलने के बाद आया है।

इस शोध छात्रा से अमेरिकी एजेंसियों को पूछताछ और जांच में पता चला है कि उसके चीन की सेना और कम्युनिस्ट पार्टी से रिश्ते हैं। अमेरिका आकर लाभ लेने के लिए उसने इन रिश्तों को छिपाया। जानकारी छिपाने के लिए उसे गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि चीन सरकार जुआन तांग नाम की इस शोध छात्रा की किसी गलत बात का समर्थन नहीं करती है लेकिन वह चाहती है कि छात्रा पर झूठे आरोप न लगाए जाएं।

वांग वेनबिन ने कहा कि चीन अमेरिका से अनुरोध करता है कि शोध छात्रा के साथ कानून की रोशनी में व्यवहार हो। उसकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए और उसे उसके जायज हक दिए जाएं। प्रवक्ता ने कहा कि कुछ समय से अमेरिकी एजेंसियों का चीन के लोगों के प्रति व्यवहार बदला है, जो दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है। वांग आरोप लगाया कि कुछ समय से अमेरिका चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं पर नजर रख रहा है और उनका उत्पीड़न कर रहा है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी की कार्रवाई चीनी नागरिकों के वैध अधिकारों और हितों का गंभीर उल्लंघन है। इससे चीन और अमेरिका के बीच सामान्य संस्कृति और कर्मियों के आदान-प्रदान का कार्यक्रम बुरी तरह बाधित हुआ है। उधर, चीनी छात्रा टांग (37) को जमानत से इनकार करते हुए अमेरिका के मजिस्ट्रेट न्यायाधीश देबोरा बर्न्स ने कहा कि रिहा किए जाने पर वह देश छोड़ देगी। बता दें कि टांग को 23 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।  

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