बीजिंग (एजेंसी)। 'ब्रिटेन का रक्षा मंत्रालय विवादित दक्षिण चीन सागर में योजनाबद्ध युद्धपोत अभियान के बहाने सुर्खियां पाने और अपना अस्तित्व साबित करने की कोशिश कर रहा है।' एक चीनी अखबार ने ये कहा है। बता दें कि, ब्रिटिश रक्षा सचिव गैविन विलियमसन ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दक्षिण चीन सागर के माध्यम से स्वतंत्रता के नेविगेशन अधिकारों पर जोर देने की बात कही थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ब्रिटिश अधिकारियों ने छह महीने पहले भी एक युद्धपोत साउथ चाइना सी में संचालित किया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। बता दें कि ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम ने भी ऊर्जा संपन्न इस समुद्री क्षेत्र पर अपना दावा कर चुके हैं जहां से अरबों डॉलर का व्यापार होता है।

चीनी अखबार के संपादकीय लेख में कहा गया है कि "अगर यह भड़काउ नहीं है तो रॉयल नेवी को दक्षिण चीन सागर से गुजरने के दौरान विनम्रतापूर्वक व्यवहार करना चाहिए। चीन के खिलाफ ये गतिविधि करके ब्रिटेन का रक्षा मंत्रालय अपने अस्तित्व को साबित करने और ध्यानाकर्षण करने की कोशिश कर रहा है।"

बता दें कि चीन ने बार-बार इस समुद्री क्षेत्र के बाहर के देशों आम तौर पर अमेरिका और जापान पर दक्षिण चीन सागर में संकट भड़काने का आरोप लगाया है। जब चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ कूटनीति के माध्यम से मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिटेन की योजना के बारे में बात करते हुए, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उम्मीद है कि किसी भी तरह की भी परेशानी पैदा करने की कोशिश नहीं की जाएगी।"

ब्रिटेन अगले साल यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा इसके साथ ही यह चीन के साथ महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की तरफ भी उम्मीद लगाए बैठा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि,ब्रिटिश प्रधान मंत्री थेरेसा मे ने इस महीने के शुरूआत में ही चीन का सफल दौरा कर लौटी हैं।

Posted By: Srishti Verma