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'आपने 40 साल से आतंकवाद पर चुप्पी साध रखी है', भारत ने कनाडा को दिखाया आईना

Published: Wed, 14 Jan 2026 12:33 PM (GMT+05:30)

कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने खालिस्तानी आतंकवाद पर कनाडा की निष्क्रियता की कड़ी आलोचना की है। ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने खालिस्तानी आतंकवादियों को लेकर तीखा हमला बोला है। कनाडा के सरकारी चैनल CBC पर मंगलवार को दिए इंटरव्यू में पटनायक ने कहा कि कनाडा ने पिछले 40 सालों में अपनी जमीन पर चल रही आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया, इससे भारत विरोधी चरमपंथ को बढ़ावा मिला है।

हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर CBC के एंकर ने बार-बार कहा कि कनाडाई खुफिया और पुलिस के पास भारतीय एजेंटों से जुड़ी 'विश्वसनीय जानकारी' है, लेकिन पटनायक ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

आरोपों पर भारत की ओर से किया पलटवार

निज्जर की हत्या को लेकर पटनायक ने पूछा, "सबूत कहां हैं? ये सिर्फ आरोप हैं, जिनके पीछे कोई प्रमाण नहीं है। आरोप लगाना आसान है।"

उन्होंने कनाडा पर उंगली उठाते हुए कहा कि भारत जब कनाडा में सक्रिय आतंकियों की जानकारी देता है, तो कनाडाई पक्ष सबूत की कमी का बहाना बनाता है। लेकिन जब कनाडा भारत पर आरोप लगाता है, तो उम्मीद करता है कि बिना सबूत के ही माने जाएं।

हाई कमिश्नर ने 1985 के एअर इंडिया बम विस्फोट का जिक्र किया, जिसमें 329 लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा, "इस हमले की जांच आज तक कुछ नहीं निकाल पाई। कनाडा में आतंकवाद पर 40 साल से बात हो रही है, लेकिन किसी को सजा नहीं हुई।"

डबल स्टैंडर्ड को लेकर क्या बोले पटनायक?

पटनायक ने कनाडा पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब मैं आरोप लगाता हूं और आप कहते हैं सबूत काफी नहीं, तो मैं मानता हूं। लेकिन जब आप मुझे आरोपित करते हैं और मैं सबूत मांगता हूं, तो आपको भी वैसा ही करना चाहिए।"

इंटरव्यू में एंकर ने भारतीय सरकार पर भरोसे की कमी का मुद्दा उठाया, लेकिन पटनायक ने साफ कहा कि भारत सरकार ऐसी हरकतें नहीं करती। अगर कोई व्यक्ति सबूतों के आधार पर दोषी पाया जाता है, तो भारत खुद कार्रवाई करेगा उन्होंने कहा, "हमें आपकी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी।"

इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत को अलगाववादी जनमत संग्रह से समस्या नहीं है, बल्कि उन लोगों से है जो भारत में अपराधी हैं या विदेश में आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं।

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