टोरंटो, एएनआइ। कनाडा के टोरंटो में शनिवार को विभिन्न देशों के प्रवासी नागरिकों द्वारा चीन विरोधी प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान, कनाडा-हांग कांग लिंक, बांग्लादेश माइनॉरिटी राइट्स अलायंस, भारतीय, तिब्बती, वियतनामी और ताइवान के प्रवासी नागरिकों ने एकसाथ इकट्ठा होकर चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। 

इससे कुछ दिन पहले भी कनाडा के वैंकूवर में भारतीयों द्वारा बीजिंग के खिलाफ दर्शन किया गया था। इस दौरान, कनाडा में रहने वाले तिब्बती प्रवासियों, उइगर और भारतीयों ने वैंवकूर में चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर बीजिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी मास्क पहने हुए थे और 'चाइना अगेंस्ट डेमोक्रेसी और 'बैक ऑफ चाइना' जैसे नारे लगा रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के अत्याचार के खिलाफ रविवार को तीनों समुदाय पहली बार एक साथ आए। प्रदर्शन में जिन संगठनों ने भाग लिया, उनमें कनाडा तिब्बत समिति, फ्रेंडस ऑफ कनाडा एंड इंडिया आर्गनाइजेशन, वैंकूवर सोसाइटी ऑफ फ्रीडम, डेमोक्रेसी एंड ह्यूमन राइट्स इन इंडिया और वैंकूवर उइगर एसोसिएशन शामिल हैं। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए प्रत्येक संगठन के सिर्फ 50 कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में भाग लेने की इजाजत दी गई थी।

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र की एक और रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि भारत के केरल और कर्नाटक प्रांत में इस्लामिक स्टेट (आइएस) के सहयोगी संगठन हिंद विलयाह के 150 से 200 आतंकी मौजूद हैं। ये हमलावर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार के रहने वाले हैं। रिपोर्ट में इस बात की भी चेतावनी भी दी गई थी कि अलकायदा भारतीय उपमहाद्वीप में हमला करने की योजना बना रहा है।

Posted By: Neel Rajput

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