कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने उड़ाया ट्रंप का मजाक, 'अकार्डियन हैंड्स' वाले अंदाज की मिमिक्री कर कसा तंज
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के "अकार्डियन हैंड्स" इशारे की मिमिक्री की, जिस पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।

कनाडाई पीएम कार्नी ने ट्रंप की नकल कर साधा निशाना
HighLights
कनाडाई पीएम कार्नी ने ट्रंप के "अकार्डियन हैंड्स" की नकल की।
यह मिमिक्री कनाडा-अमेरिका के तनावपूर्ण संबंधों के बीच हुई।
कार्नी ने फ्रांस के साथ मजबूत रिश्ते बनाने पर भी जोर दिया।
डिजिटल डेस्क, ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाया। उन्होंने अमेरिकी नेता के "अकार्डियन हैंड्स" (वाद्य यंत्र अकार्डियन को बजाने का तरीका) वाले इशारे की मिमिक्री की, जिस पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।
प्रधानमंत्री कार्नी 70 अरब कनाडाई डॉलर के व्यापक स्वच्छ ऊर्जा पैकेज के बारे में बात कर रहे थे, जिसे उन्होंने "18 हूवर डैम (अमेरिका का एक बांध) के बराबर" बताया। इस दौरान उन्होंने "18 हूवर डैम" दोहराते हुए अपने हाथों को अंदर-बाहर किया, जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के जाने-पहचाने अंदाज की मिमिक्री थी।
जब दर्शक हंसने व चीयर करने लगे तो वह रुके, मुस्कुराए एवं कमरे में मौजूद लोगों से "बस" कहा और भाषण जारी रखने से पहले एक बार फिर वही मिमिक्री की। कार्नी का यह भाषण कनाडा एवं अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों के माहौल में हुआ, क्योंकि अगस्त में दोनों के बीच व्यापार वार्ता विफल हो गई थी।
फ्रांस के साथ मजबूत रिश्ते बनाने की कही बात
मार्क कार्नी ने रविवार को नए वैश्विक खतरों को देखते हुए फ्रांस के साथ मजबूत रिश्ते बनाने की बात कही। रायटर के अनुसार, कार्नी ने कहा कि फ्रांस और कनाडा ने अपनी अंतरिक्ष एजेंसियों और रक्षा मंत्रालयों को मिलकर स्पेस लांच सिस्टम व ग्राउंड रिसेप्शन सुविधाएं विकसित करने का काम सौंपा है।
वे फ्रांसीसी क्षेत्र सेंट पियरे और मिकेलान द्वीप समूह में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक संयुक्त प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।
अमेरिका और आर्कटिक के बिल्कुल पास होने की वजह से फ्रांस के लिए 5800 की आबादी वाले सेंट पियरे और मिकेलान रणनीतिक रूप से बहुत अहम है।
राजनयिकों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए जाते हुए मैक्रों के वहां जाने का सांकेतिक महत्व है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ हफ्ते पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड व मैक्सिको के साथ सेंट पियरे व मिकेलान को भी अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दर्शाया था।
माना जा रहा है कि कार्नी और मैक्रों ने इस द्वीप समूह पर मुलाकात करके ट्रंप को संकेत दिया है।
(डिजिटल डेस्क एएनआई के इनपुट के साथ)
