'अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना पर विचार', कनाडाई PM के बयान ने चौंकाया; जनिए सैन्य क्षमता में कौन ज्यादा मजबूत
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना पर विचार करने की बात कही, जिससे दोनों देशों के बीच सार्वजनिक बहस छिड़ गई।

कनाडाई PM कार्नी ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना पर विचार किया। (फोटो-रॉयटर्स)
HighLights
कनाडाई PM कार्नी ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना पर विचार किया।
अमेरिका का रक्षा बजट और सैन्य शक्ति कनाडा से बहुत अधिक।
दोनों देशों की रक्षा प्रणालियां ऐतिहासिक रूप से गहराई से जुड़ी हैं।
डिजिटल डेस्क, ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार ने कनाडा के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना पर विचार किया है, कार्नी के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच सार्वजनिक बहस में एक नई हलचल पैदा हो गई है। कनाडा और अमेरिका दो ऐसे देश हैं जो ऐतिहासिक रूप से दुनिया की सबसे करीबी रक्षा साझेदारियों में से एक को साझा करते हैं।
कई दशकों से है दोनों देश की रक्षा साझेदारी
अमेरिका और कनाडा के बीच लगभग 8900 किलोमीटर लंबी सीमा है और वे दशकों से उत्तरी अमेरिकी रक्षा के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उनकी सेनाएं नार्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड के जरिए संयुक्त रूप से काम करती है। यह दो देशों की संयुक्त कमांड है जो उत्तरी अमेरिकी हवाई क्षेत्र और समुद्री रास्तों की निगरानी और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।
कार्नी के बयान के बाद बढ़ता तनाव
कार्नी ने संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को एक बहुत कम संभावना वाला लेकिन गंभीर जोखिम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे जोखिम की जांच करना और उसके लिए तैयारी करना उनकी सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि कार्नी ने जोर देकर कहा कि यह उनकी सरकार का मुख्य अनुमान नहीं है।
उनकी यह टिप्पणी वाशिंगटन और ओटावा के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है जिसमें व्यापार को लेकर विवाद और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की कनाडा के 51वें राज्य बनने के बारे में बार-बार की गई टिप्पणियां शामिल हैं।
रक्षा खर्च और सैन्य जनशक्ति में भारी अंतर
सैन्य क्षमताओं की तुलना करने पर अमेरिका और कनाडा के बीच अंतर साफ नजर आता है। अमेरिका का रक्षा बजट कनाडा की तुलना में बहुत बड़ा है। अगर अमेरिका के रक्षा बजट की बात करें तो वाशिंगटन का रक्षा बजट 2025 में लगभग 895 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जबकि 2026 के लिए ये खर्च लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर था। वहीं अगर 2027 की बात करें तो अमेरिका ने लगभग 1.45 ट्रिलियन डॉलर की मांग की है।
अमेरिका की तुलना में कनाडा का रक्षा खर्च 2025-26 में करीब 25 बिलियन डॉलर और 2026-27 में लगभग 37 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान है।
वहीं अगर बात दोनों देशों की जनशक्ति की करें तो इसमें भी काफी बड़ा अंतर है। अमेरिका की FY2027 योजना में लगभग 1.34 मिलियन सक्रिय-ड्यूटी कर्मी शामिल है, जबकि कनाडा की नियमित सेना में 68,473 कर्मी हैं। कनाडा अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए कार्यबल का विस्तार कर रहा है
यह अंतर जमीनी सेनाओं और बख्तरबंद उपकरणों तक भी फैला हुआ है। अमेरिकी सेना M1 अब्राम्स मेन बैटल टैंक और ब्रैडली फाइटिंग व्हीकल का इस्तेमाल करती है। जबकि कनाडा की आर्म्ड फोर्स में लेपर्ड 2 मेन बैटल टैंक शामिल है।
हवाई और नौसेना ताकत में अंतर
हवाई ताकत में भी दोनों देशों के बीच अंतर साफ दिखता है। अमेरिका के पास F-35A, F-22, F-15, F-16 फाइटर जेट्स के साथ-साथ B-1B, B-2 और B-52 जैसे स्ट्रैटेजिक बॉम्बर बेड़े हैं।
वहीं अगर कनाडा की बात करें तो वो अभी भी पुराने CF-18 बेड़े की जगह 88 F-35A जेट्स खरीदने जा रहा है। ओटावा अभी इस प्रोग्राम की समीक्षा कर रहा है, हालांकि विमान की डिलीवरी और तैयारी का काम जारी है। पहले आठ विमान कनाडाई पायलटों की ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भेजे जाएंगे और पहला विमान 2028 तक कनाडा पहुंचेगा।
अगर दोनों देशों में नौसेना की ताकत देखी जाए तो भी यह अंतर बहुत बड़ा है। अमेरिका के पास एयरक्राफ्ट कैरियर, न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन और बड़े सरफेस कॉम्बैटेंट्स से बनी एक ग्लोबल नौसेनिक ताकत है, जिससे वह अमेरिकी तटों से दूर भी ऑपरेशन चला सकता है।
वहीं कनाडा की रॉयल कैनेडियन नेवी हैलिफैक्स-क्लास फ्रिगेट, विक्टोरिया-क्लास सबमरीन, किंग्स्टन-क्लास कोस्टल डिफेंस वेसल और हैरी डीवोल्फ-क्लास आर्कटिक पेट्रोल शिप का इस्तेमाल करती है।
सैन्य क्षमता तुलना: अमेरिका बनाम कनाडा
| क्षेत्र / मानक | संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) | कनाडा (Canada) | |
|---|---|---|---|
| रक्षा बजट (Defense Budget) | • 2025: ~$895 बिलियन डॉलर • 2026: ~$1 ट्रिलियन डॉलर • 2027 (मांग): ~$1.45 ट्रिलियन डॉलर | • 2025-26: ~$25 बिलियन डॉलर • 2026-27: ~$37 बिलियन डॉलर (अनुमानित) | |
| सैन्य जनशक्ति (Manpower) | लगभग 1.34 मिलियन सक्रिय-ड्यूटी कर्मी (FY2027 योजना) | 68,473 नियमित कर्मी (कार्यबल विस्तार का प्रयास जारी) | |
| हवाई ताकत (Air Power) | • उन्नत फाइटर जेट्स (F-35A, F-22, F-15, F-16) • स्ट्रैटेजिक बॉम्बर बेड़े (B-1B, B-2, B-52) | • वर्तमान में पुराना CF-18 बेड़ा • 88 F-35A जेट्स खरीदने की प्रक्रिया जारी (पहला विमान 2028 तक) | |
| नौसेना ताकत (Naval Power) | एयरक्राफ्ट कैरियर, न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन, बड़े सरफेस कॉम्बैटेंट्स | हैलिफैक्स-क्लास फ्रिगेट, विक्टोरिया-क्लास सबमरीन, कोस्टल डिफेंस और आर्कटिक पेट्रोल शिप | |
| परमाणु क्षमता (Nuclear Capability) | परमाणु संपन्न देश (जमीन से मार करने वाली मिसाइलें, बैलिस्टिक-मिसाइल सबमरीन, स्ट्रैटेजिक बॉम्बर) | परमाणु हथियार नहीं हैं | |
| रणनीतिक भूमिका (Strategic Role) | वैश्विक सैन्य प्रभुत्व और दूरदराज के क्षेत्रों में ऑपरेशन चलाने की क्षमता | उत्तरी आर्कटिक क्षेत्र की निगरानी और महाद्वीपीय सुरक्षा |
आर्कटिक रणनीति का फायदा
दोनों देशों के बीच सबसे बुनियादी स्ट्रैटेजिक अंतर न्यूक्लियर क्षमता का है। अमेरिका एक न्यूक्लियर-आर्म्ड देश है, जिसके पास जमीन से मार करने वाली मिसाइलें, बैलिस्टिक-मिसाइल सबमरीन और स्ट्रैटेजिक बॉम्बर जैसी न्यूक्लियर ताकतें हैं।
कनाडा के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं है, लेकिन उसकी असली ताकत उसकी भौगोलिक स्थिति और उत्तरी अमेरिकी रक्षा में उसकी अहम भूमिका में है। कनाडा का विशाल आर्कटिक क्षेत्र उत्तरी निगरानी, संप्रभुता और महाद्वीपीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ओटावा आर्कटिक क्षमताओं और NORAD आधुनिकीकरण में निवेश कर रहा है। जबकि रॉयल कैनेडियन नेवी के हैरी डीवोल्फ क्लास जहास खास तौर पर आर्कटिक और तटीय जलक्षेत्र में कनाडा की मौजूदगी को मजबूत करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
अमेरिका भी अलस्का के जरिए आर्कटिक में मजबूत स्थिति रखता है। NORAD दोनों देशों को हवाई और समुद्री चेतावनी व सुरक्षा के लिए साझा ढांचा उपलब्ध कराता है।
दोनों देशों की सैन्य क्षमता में भारी अंतर के बाद भी अमेरिका और कनाडा की रक्षा प्रणालियां गहराई से एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। हालांकि कार्नी के बयान ने एक दुर्लभ और संवेदनशील संभावना की ओर इशारा किया है, लेकिन दोनों देश अभी भी ऐतिहासिक रूप से निकटतम रक्षा साझेदार बने हुए हैं।
