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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मंदिर में घुसकर हिंदुओं को मारा... कनाडा में खालिस्तानियों की करतूत पर ट्रूडो ने बहाए घड़ियाली आंसू

By Agency Edited By: Mahen Khanna
Published: Mon, 04 Nov 2024 08:24 AM (GMT+05:30)Updated: Mon, 04 Nov 2024 08:50 AM (GMT+05:30)

Justin Trudeau statement on Khalistani attack कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने एक बार फिर हिंदुओं को निशाना बनाया है। चरमपंथियों ...और पढ़ें

Justin Trudeau statement on Khalistani attack हिंदुओं पर हमले की ट्रूडो ने की निंदा।
Justin Trudeau statement on Khalistani attack हिंदुओं पर हमले की ट्रूडो ने की निंदा।

HighLights

  1. हर कनाडाई को सुरक्षित तरीके से आस्था का पालन करने का अधिकार है: ट्रूडो
  2. चरमपंथियों ने बच्चों और महिलाओं को भी बनाया निशाना।

एएनआई, ओटावा। Justin Trudeau statement on Khalistani attack कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर को खालिस्तान समर्थकों ने एक बार फिर निशाना बनाया है। चरमपंथियों ने हिंदू भक्तों पर हमला तक किया। मामले पर अब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का भी बयान सामने आया है। 

ट्रूडो ने हमले की कड़ी निंदा की

ट्रूडो ने चरमपंथियों द्वारा मंदिर पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। धार्मिक स्वतंत्रता के महत्व पर जोर देते हुए ट्रूडो ने कहा कि हर कनाडाई को अपनी आस्था का पालन स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित तरीके से करने का अधिकार है।

ट्रूडो ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा,

ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में आज हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपने धर्म का पालन स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित तरीके से करने का अधिकार है। समुदाय की सुरक्षा और इस घटना की जांच करने के लिए तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए पील क्षेत्रीय पुलिस को धन्यवाद।

कनाडा के विपक्षी नेता ने की निंदा

इससे पहले कनाडाई विपक्षी नेता पियरे पोलीवरे ने हिंदू सभा मंदिर पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि हमारा देश हिंदुओं की रक्षा नहीं कर पा रहा है। पोलीवरे ने आगे कहा कि रूढ़िवादी हमले की निंदा करते हैं और लोगों को एकजुट करने और अराजकता को समाप्त करने का वादा करते हैं।

भारतीय उच्चायोग का आया बयान

हिंदुओं पर हमले के बाद ओटावा में भारतीय उच्चायोग का बयान आया है। उच्चायोग ने कहा कि ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के साथ मिलकर आयोजित कांसुलर कैंप के बाहर भारत विरोधी तत्वों द्वारा हिंसक व्यवधान देखा गया है। ये बेहद निराशाजनक है। हम भारतीय नागरिकों सहित आवेदकों की सुरक्षा के लिए भी बहुत चिंतित हैं, जिनकी मांग पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

कट्टरपंथियों के लिए सुरक्षित जगह बना कनाडा 

इस बीच, टोरंटो के सांसद केविन वुओंग ने भी हमले की निंदा की और कहा कि कनाडा कट्टरपंथियों के लिए एक सुरक्षित जगह बन गया है और कहा कि देश के नेता हिंदुओं की रक्षा करने में हम विफल रहे हैं, ठीक उसी तरह जैसे वे ईसाई और यहूदी कनाडाई लोगों की रक्षा करने में विफल रहे।

एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए, वुओंग ने लिखा "हिंदू कनाडाई लोगों पर हमला देखना चिंताजनक है। खालिस्तानी चरमपंथियों से लेकर आतंकवादी कॉस्प्लेयर तक, कनाडा कट्टरपंथियों के लिए एक सुरक्षित बंदरगाह बन गया है। हमारे नेता हिंदुओं की रक्षा करने में विफल रहे हैं जैसे वो ईसाई और यहूदी कनाडाई लोगों को हिंसा से बचाने में विफल रहे थे। हम सभी शांति से पूजा करने के हकदार हैं।

बच्चों और महिलाओं को भी बनाया निशाना

हमलों के बाद, कनाडा में हिंदू समुदाय के लिए काम करने वाले एक गैर-लाभकारी संगठन हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन ने मंदिर पर हमले का एक वीडियो साझा किया और कहा कि खालिस्तानी आतंकवादियों ने बच्चों और महिलाओं पर हमला किया।