कनाडा का हिस्सा बना रहेगा अल्बर्टा, मतदाताओं ने खारिज किया प्रस्ताव
कनाडा के तेल संपन्न प्रांत अल्बर्टा के मतदाताओं ने देश से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

कनाडा का हिस्सा बना रहेगा अल्बर्टा। (रॉयटर्स)
HighLights
अल्बर्टा के मतदाताओं ने कनाडा से अलग होने का प्रस्ताव खारिज किया।
लगभग 76% मतदाताओं ने कनाडा का हिस्सा बने रहने का समर्थन किया।
यह परिणाम प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के लिए बड़ी राहत लेकर आया।
डिजिटल डेस्क, एडमंटन। कनाडा का तेल संपन्न प्रांत अल्बर्टा देश का हिस्सा बना रहेगा। इस प्रांत के मतदाताओं ने कनाडा से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। मंगलवार तड़के आए नतीजों से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को बड़ी राहत मिली है।
अमेरिका के मोंटाना राज्य से सटे अल्बर्टा में कनाडा से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जनमत संग्रह ऐसे समय कराया गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कई बार कह चुके हैं।
अल्बर्टा में जनमत संग्रह से पहले एक रैली में कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा था, 'यह जनमत संग्रह बहुत बुरे दौर में हो रहा है। दुनिया ज्यादा खतरनाक और बंटी हुई है। हमारी सीमाओं के बाहर कुछ लोग हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे हम पर कब्जा कर सकें।'
सोमवार को कराया गया यह जनमत संग्रह सीधे तौर पर स्वतंत्रता के मुद्दे पर नहीं था बल्कि इसके जरिये अल्बर्टा को कनाडा से अलग होने को लेकर भविष्य में एक और जनमत संग्रह कराने का रास्ता प्रशस्त करना था।
'मतदाताओं ने अलग होने के बजाय कनाडा का हिस्सा बने रहने का समर्थन किया'
सीबीसी न्यूज के अनुसार, जनमत संग्रह में मतदाताओं ने अलग होने के बजाय कनाडा का हिस्सा बने रहने का समर्थन किया है। नतीजों के अनुसार, करीब 76 प्रतिशत मतदाताओं ने कनाडा का हिस्सा बने रहने के पक्ष में मतदान किया, जबकि 23 प्रतिशत ने अलगाव की प्रक्रिया शुरू करने के पक्ष में मतदान किया।
अल्बर्टा दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार वाल क्षेत्र
एपी के अनुसार, 13.5 लाख से अधिक मतदाताओं वाला अल्बर्टा दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार वाला क्षेत्र है। इसकी कनाडा की केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी रही है, लेकिन यह असंतोष पारंपरिक रूप से व्यापक अलगाववादी समर्थन में नहीं बदला है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
