वाशिंगटन, एएनआइ। मंगलवार को बीजिंग में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद चिनफिंग भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ममल्लापुरम में चीनी राष्ट्रपति ले मिलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस मुलाकात के मायनों के बारे में कहा विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों नेता निश्चित रूप से संघर्ष पर सहयोग चाहते हैं।

24 घंटे की यात्रा के लिए दक्षिण भारतीय शहर ममल्लापुरम में शी के आगमन से ठीक एक दिन पहले, विश्लेषकों का कहना है कि राष्ट्रपति जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में बड़े व्यापार या सुरक्षा सफलताओं को नहीं देखा जा सकता है, इसके बजाय, ध्यान इस मुलाकात पर मकसद दोनों देशों के संबंधों में सुधार से है।

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) में अमेरिकी पहल के निदेशक ध्रुव जयशंकर ने कहा, 'मुझे लगता है कि (भारतीय) सरकार शुरू से ही स्पष्ट रही है कि इन अनौपचारिक शिखर सम्मेलनों का उद्देश्य विशिष्ट वितरणों को प्राप्त करना नहीं है, बल्कि संबंधों को बेहतर बनाना है।'

उन्होंने यह भी कहा कि शी की भारत यात्रा से पहले व्यापारिक संबंधों पर ठोस चर्चा होने की संभावना नहीं थी। जयशंकर ने वर्षों से भारतीय अधिकारियों द्वारा बार-बार लाए गए व्यापार घाटे की ओर इशारा किया। उन्होंमे कहा जिसमें बाजार पहुंच मुद्दे भी शामिल थ और इसने अन्य चीजों को भी प्रभावित किया है, जैसे कि कुछ वस्तुओं पर भारतीय टैरिफ बढ़ाने या एक क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी के लिए भारत की बातचीत को जटिल बनाना - चीन और भारत सहित 16 देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता।

Posted By: Shashank Pandey

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