ब्यूटी और द बीस्ट का मुकाबला, अमेरिका में अपनी बख्तरबंद गाड़ी 'होंगकी' से उतरे शी चिनफिंग
अमेरिकी यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपनी स्वदेशी और बेहद सुरक्षित लिमोजीन होंगकी N701 का इस्तेमाल किया। यह कदम चीन की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।

वाशिंगटन में शी चिनफिंग का शक्ति प्रदर्शन

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अमेरिका की यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है। अमेरिका यात्रा के दौरान चीन ने राष्ट्रपति चिनफिंग की जिम्मेदारी अमेरिकी मेजबानी पर छोड़ने के बजाय अपनी खुद की स्वदेशी और बेहद सुरक्षित लिमोजीन होंगकी N701 को मैदान में उतार दिया।
प्रशांत महासागर पार करके अमेरिका पहुंची 18 फीट लंबी यह बुफेट-प्रूफ कार इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जो देश कभी पश्चिमी लग्जरी कारों पर निर्भर रहता था, उसके पास अब अपनी एक ऐसी आलीशान गाड़ी है जो अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रसिद्ध कार 'द बीस्ट' को सीधी चुनौती दे सकती है।
क्या है होंगकी का अर्थ?
चीन में होंगकी का अर्थ लाल झंडा होता है। यह कोई आम गाड़ी नहीं है जिसे बीजिंग की किसी डीलरशिप से खरीदा जा सके। इसे खास तौर पर चीन के राष्ट्रपति के लिए कस्टमाइज किया गया है। गोपनीयता के कारण इसकी सटीक तकनीकी जानकारी तो गुप्त रखी गई है, लेकिन माना जाता है कि इसका वजन तीन टन से ज्यादा है।
यह कार उन्नत आर्मर प्रोटेक्शन, बुलेट-प्रूफ ग्लास, रन-फ्लैट टायर्स और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स से लैस है।
वैश्विक मंच पर बदलती हुई नीति
एक समय था जब चीन भी राष्ट्रप्रमुखों की यात्राओं के दौरान मेजबान देशों की गाड़ियों पर निर्भर रहता था, जैसा की भारत जैसे कई देश आज भी करते हैं। हालांकि, चिनफिंग ने इसे पूरी तरह से बदल दिया है।
चीनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीजिंग अब शी के आगमन से पहले उनके लिए एक मुख्य और एक बैकअप कार सुरक्षित रूप से भेजता है।
N701 पहली बार 2022 में हांगकांग में नजर आई थी। इसके बाद से यह रूस, फ्रांस, सऊदी अरब, वियतनाम, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और भारत (ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान) जैसी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में शी चिनपिंग के साथ जा चुकी है। इसी तर्ज पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी अपनी स्वदेशी ऑरस सेनेट का उपयोग करते हैं।
