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100 फीट लंबा लाल कालीन... आसमान में B1 बॉम्बर्स; अमेरिका में शी चिनफिंग के शाही स्वागत के मायने समझिए

Published: Thu, 24 Sep 2026 08:24 AM (IST)Updated: Thu, 24 Sep 2026 08:44 AM (IST)

100 फीट लंबा लाल कालीन, आसमान में भव्य शक्ति प्रदर्शन के साथ अमेरिका में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का शाही ...और पढ़ें

HighLights

  1. ट्रंप ने दशकों पुराना प्रोटोकॉल तोड़कर शी चिनफिंग का स्वागत किया।

  2. 100 फीट लाल कालीन और बी-1 बॉम्बर्स का शानदार प्रदर्शन हुआ।

  3. यह दौरा व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की तरफ से जिस अंदाज में चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया गया, वो वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय बन गया है।

बता दें कि मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने चिनफिंग और उनकी पत्नी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।

1962 के बाद पहली बार हुआ ऐसा...

अमेरिका में चीनी राष्ट्रपति का जिस प्रकार स्वागत हुआ वो बेहद खास माना जा रहा है। इसका बड़ा कारण है कि डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी इतिहास के कई दशकों के प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर खुद पहुंचकर स्वागत किया।

Xi Jinping's visit to the US (1)

गौर करने वाली बात यह है कि किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से एयरपोर्ट पर जाकर किसी विदेशी मेहमान का स्वागत करने का ऐसा नजारा वर्ष 1962 के बाद पहली बार देखने को मिला है। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है।

चिनफिंग के आगमन के साथ आसमान में गूंजे बी-1 बॉम्बर्स 

सामने आए वीडियो में ये साफ-साफ देखा जा सकता है कि जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन अपने विशेष विमान से उतरे, तो उनके स्वागत में अमेरिकी प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

खास बात यह रही कि अमेरिकी प्रशासन की तरफ से दोनों नेताओं के स्वागत के लिए बेस पर 100 फीट लंबा लाल कालीन बिछाया गया था। इसके बाद अमेरिकी सेना की ओर से सलामी बैटरी, 21 जवानों का विशेष सम्मान गार्ड और दोनों देशों के झंडे लिए कलर टीमें तैनात थीं।

Xi Jinping's visit to the US (2)

आसमान में शक्ति प्रदर्शन का अद्भुत नजारा

इस स्वागत का सबसे बड़ा आकर्षण अमेरिकी वायुसेना के दो बी-1 सुपरसोनिक बॉम्बर्स का लो-लेवल फ्लाईओवर रहा, जिनकी गड़गड़ाहट से पूरा आसमान गूंज उठा। इसके बाद एयरपोर्ट पर संक्षिप्त बातचीत के बाद चीनी राष्ट्रपति का काफिला वहां से रवाना हुआ, जबकि डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप मरीन वन हेलीकॉप्टर से व्हाइट हाउस लौट आए।

अब समझिए क्यों खास है यह स्वागत?

कुल मिलाकर, यह यात्रा कूटनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि साल 2015 के बाद शी जिनपिंग की यह पहली वॉशिंगटन यात्रा है। ऐसे में चिनफिंग का यह दौरा पारस्परिक कूटनीति के नजरिए से अहम माना जा रहा है। 

Xi Jinping's visit to the US (4)

इस बात को ऐसे समझिए कि मई में जब ट्रंप चीन गए थे, तब शी चिनफिंग ने उन्हें खुद रिसीव नहीं किया था। उनके स्थान पर चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग ने स्वागत किया था, लेकिन वहां भी ट्रंप को एक भव्य समारोह मिला था। अब ट्रंप का व्यक्तिगत रूप से पहुंचना एक बड़ा और मजबूत कूटनीतिक संदेश देता है।

क्या यह स्वागत दिखावा है या कोई बड़ा संदेश?

अब, जब सवाल यह है कि चीनी और अमेरिका के बीच कई जगहों पर रिश्तें ठीक नहीं हैं, तो फिर ट्रंप की तरफ से चिनफिंग का इस प्रकार से भव्य स्वागत का अंदाज क्या संदेश दे रहा है? क्या ये केवल एक दिखावा है या फिर कुछ और? 

गौरतलब है कि ऐसे समय में इस प्रकार से ट्रंप की तरफ से किया गया यह भव्य स्वागत केवल दिखावा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक एजेंडा छिपा है। इसमें दोनों महाशक्तियों के शीर्ष नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है।  

  • व्यापार और टैरिफ- दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक तनाव को कम करना।

  • प्रौद्योगिकी और एआई- आधुनिक तकनीकी युग में वर्चस्व और नियमों पर मंथन।

  • भू-राजनीतिक मुद्दे- ताइवान का संवेदनशील मुद्दा, ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक संकट।