जेनेवा, आइएएनएस। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) ने कहा कि अगला कोरोना वैरिएंट ओमिक्रोन की तुलना में अधिक संक्रामक होगा, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि भविष्य में आने वाले वैरिएंट कम घातक होंगे। सीएनबीसी के अनुसार डब्ल्यूएचओ (World Health Organization, WHO) की कोरोना संबंधी टेक्निकल लीड मारिया वैन केरखोव ने कहा कि वैज्ञानिकों को वास्तविक प्रश्न का उत्तर देने की आवश्यकता है कि क्या यह अधिक घातक होगा या नहीं।

वैन केरखोव ने मंगलवार को कहा कि ओमिक्रोन वायरस को पहले के स्ट्रेन की तुलना में कम घातक माना जा रहा है लेकिन कई देशों में इससे संक्रमित लोगों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। उन्होंने कहा कि अगला वैरिएंट और चुस्त-दुरस्त होगा। इसका मतलब वह बहुत तेजी से फैलने वाला होगा ताकि मौजूदा वैरिएंट ओमिक्रोन से आगे निकल सके। अब बड़ा सवाल यह है कि भविष्य के वैरिएंट कम या ज्यादा गंभीर होंगे या नहीं।

उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं मान लेना चाहिए कि भविष्य के वैरिएंट कम घातक होंगे और उनसे लोग कम बीमार होंगे। हम चाहते हैं कि ऐसा ही हो लेकिन यही हो इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस दौरान लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करते रहना चाहिए। हम हमेशा मास्क नहीं लगा सकते और न ही शारीरिक दूरी का पालन कर सकते लेकिन फिलहाल हमें इन नियमों का पालन करना चाहिए।

बीते सोमवार को डब्ल्यूएचओ (World Health Organization, WHO) के प्रमुख ट्रेडोस अढानम घेब्रेयेसस ने कहा था कि दुनिया कोरोना महामारी में नाजुक मोड़ पर खड़ी है और ऐसे मुश्किल दौर को खत्म करने के लिए सभी देशों को एकजुट होना होगा। ट्रेडोस ने भी कहा था कि ओमिक्रोन को कोरोना का आखिरी वैरिएंट समझना बड़ी भूल होगी। ओमिक्रोन के चलते विश्वभर में बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में कोरोना के नए वैरिएंट के उभरने का खतरा ज्यादा है।

Edited By: Krishna Bihari Singh