अमेरिका में क्यों बंद हो गया कैनेडी सेंटर? ट्रंप की जिद से India-US सांस्कृतिक विरासत को झटका
वाशिंगटन DC में कैनेडी सेंटर को बोर्ड के वोट से बंद कर दिया गया। इसका ट्रंप से क्या कनेक्शन है, यहां जानिए।

अमेरिका में कैनेडी सेंटर बंद (फोटो-पीटीआई)
HighLights
कैनेडी सेंटर बोर्ड ने ट्रंप विवाद के बाद बंद करने का फैसला लिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्मारक में अपना नाम जोड़ने की मांग की थी।
शटडाउन से अमेरिकी-भारत सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर गहरा असर पड़ा।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। वाशिंगटन DC में 'कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' के बोर्ड ने मंगलवार, 15 सितंबर को इस मशहूर सांस्कृतिक जगह को तुरंत बंद करने के लिए वोट किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मांग रखी थी कि इस राष्ट्रीय स्मारक में उनका नाम भी जोड़ा जाए, इसके बाद बोर्ड ने तीखी कानूनी लड़ाई के बाद इस सेंटर को बंद कर दिया।
कैनेडी सेंटर बंद होने से सांस्कृतिक विरासत को झटका
प्रशासन का कहना है कि बढ़ते वित्तीय दबाव और ढांचागत चिंताओं के कारण यह शटडाउन किया गया है। इससे देश के इस प्रमुख मंच का भविष्य अधर में लटक गया है और भारत के मशहूर कलाकारों सहित दुनिया भर के कलाकारों के बीच होने वाले सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गहरा झटका लगा है।
बोर्ड का यह वोट एक जज के उस फैसले के कुछ घंटों बाद आया जिसमें फिर से कहा गया कि स्मारक का नाम बदलने या इमारत में नए शिलालेख जोड़ने का अधिकार केवल कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के पास है।
इसके जवाब में, ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से धमकी दी कि जब तक अदालती फैसले को पलटा नहीं जाता, तब तक वे कई मिलियन डॉलर के नियोजित नवीनीकरण (रेनोवेशन) को रोक देंगे, जिससे कैनेडी सेंटर के मुख्य हॉल अनिश्चित काल के लिए बंद हो गए।
बोर्ड की बैठक के दौरान डेमोक्रेटिक सांसद जॉयस बीटी के साथ हुई तीखी बहस ने इस पूरे मामले को और गरमा दिया। खबरों के मुताबिक, ट्रंप ने उन्हें बेवकूफ और अड़चन डालने वाली कहा।
वहीं डेमोक्रेटिक सांसद जॉयस बीटी ने ट्रंप को अयोग्य बताया और कहा कि कमरे में मौजूद किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में वे सबसे ज्यादा बार दिवालिया हुए हैं।
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