संयुक्त राष्ट्र, एजेंसियां। विश्‍व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization यानी WHO) ने कहा है कि अप्रैल महीने में कोरोना संक्रमण के रोजाना औसतन 80 हजार केस आए हैं। डब्‍ल्‍यूएचओ की मानें तो भारत और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है जबकि पश्चिमी यूरोप जैसे क्षेत्रों में मामलों में कमी देखी जा रही है। वहीं समाचार एजेंसी एपी ने विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के हवाले से कहा है कि यूरोपिय देशों जैसे बेल्जियम, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, स्पेन आदि में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम घेब्रेयेसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने बुधवार को कहा कि देशों को उनके क्षेत्रों में बाहर से आने वाली बीमारियों के जोखिम से निपटने में सक्षम होना चाहिए। यही नहीं समुदायों कोजानकारी होनी चाहिए कि बदले हालात में उन्‍हें कैसे ढलना है। WHO की मानें तो कोरोन से दुनियाभर में 35 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं जबकि दो लाख 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। यही नहीं अप्रैल की शुरुआत से रोजाना करीब 80 हजार नए मामले सामने आए।

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक ने कहा कि पश्चिमी यूरोप में संक्रमण में तेजी से कमी आ रही है जबकि पूर्वी यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण-पूर्वी एशिया, पूर्वी भूमध्य सागर और उत्तर अमेरिका एवं दक्षिण अमेरिका में मामले बढ़ रहे हैं। पीटीआइ ने घेब्रेयेसस के हवाले से बताया कि जैसे जैसे जांच में तेजी आ रही है वैसे वैसे संक्रमण के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। वहीं विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के यूरोप कार्यालय ने बताया कि पूरे यूरोप में 60 फीसद से ज्‍यादा महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक फोन पर आने वाले शिकायतों में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है।

उल्‍लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने कल यानी बुधवार को कहा था कि कोरोना महामारी से बाहर निकल रहे देश अगर पाबंदियों को संयमित और चरणबद्ध तरीके से नहीं हटाएंगे तो हालात खराब हो सकते हैं। उन्‍होंने चेताया था कि थोड़ी सी लापरवाही के कारण दोबारा लॉकडाउन लागू करना पड़ सकता है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन को हटाने के लिए आवश्यक कई उपायों की सूची भी जारी की थी। इसमें हालात पर निगरानी बनाए रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से तैयार रखना शामिल है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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