जेनेवा, रायटर। हवा से कोरोना वायरस फैलने के दावे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गुरुवार को नई गाइड लाइन जारी की है लेकिन उसने इस बात की पुष्टि करना बंद कर दिया है कि यह संक्रमण हवा से फैलता है। डब्ल्यूएचओ ने अपने निर्देशों में कहा है कि कुछ रिपोर्ट में यह कहा जा रहा है कि कमरे के भीतर बंद जगह में हवा में मौजूद एयरोसोल के जरिए कोरोना का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जा सकता है। संगीत अभ्यास, रेस्टोरेंट में भोजन करते हुए और फिटनेस क्लासेज में लोगों के संक्रमित होने की आशंका जताई गई है।

मामले की जांच होनी चाहिए

हालांकि डब्ल्यूएचओ ने इस मामले में और शोध की तत्काल आवश्यकता बताते हुए कहा कि संक्रमण के इस तरह फैलने के मामले की जांच होनी चाहिए। ताजा प्रमाणों की समीक्षा के आधार पर डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी तक यही माना जाता रहा है कि लोगों के बीच प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष संपर्क से ही कोरोना का संक्रमण होता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बोलने के दौरान निकलीं ड्रापलेट्स, लार आदि से या किसी सतह से संपर्क में आने पर दूसरे लोग संक्रमित हुए।

हवा से फैल रही महामारी

उल्लेखनीय है कुछ विज्ञानियों ने डब्ल्यूएचओ को पत्र लिखकर हवा से संक्रमण फैलने का दावा कर इस वैश्विक संस्था से दिशा निर्देशों में परिवर्तन का आग्रह किया था। एयरोबायोलाजिस्ट के नाम से जाने जा रहे विज्ञानियों के समूह ने अपने निष्कर्षों के आधार पर बताया था कि किस तरह यह महामारी हवा से फैल रही है।

तेजी से व्यापक क्षेत्र में फैलने वाली बीमारी

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले कोलोरेडो विवि के केमिस्ट जोश जिमेनेज ने कहा कि हमारा यह कदम एक छोटा सा प्रयास है। यह स्पष्ट है कि यह बीमारी बहुत तेजी से व्यापक क्षेत्र में फैलने वाली है। ज्यादातर मामलों में एयरोसोल से संक्रमण हो रहा है। उधर अमेरिका के एलर्जी और इन्फेक्शन के नेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक डा. एंथोनी फासी ने कहा कि सार्स-सीओवी-2 के हवा से फैलने के ठोस प्रमाण नहीं हैं लेकिन मेरी समझ से इस मामले में ऐसा हो सकता है।

WHO के पैनल का नेतृत्व करेंगी दो महिला नेता

कोरोना के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर आए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कोरोना को लेकर विश्वव्यापी प्रतिक्रिया का अध्ययन करने वाले पैनल का नेतृत्व दो महिला नेता करेंगी। इनमें से एक अपने देश की राष्ट्रपति तो दूसरी अपने देश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक पैनल का नेतृत्व अफ्रीकी देश लाइबेरिया की पूर्व राष्ट्रपति एलेन जानसन सरलिफ और न्यूजीलैंड की पूर्व पीएम हेलने क्लार्क करेंगी। एलेन नोबेल पुरस्कार विजेता रही हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपने देश की राष्ट्रपति चुनी गई थीं। क्लार्क 2016 से यूएन को सेवाएं दे रही हैं। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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