ईरान युद्ध कब होगा खत्म? ट्रंप ने वेंस को सौंपी सीजफायर की जिम्मेदारी! कहा- तेहरान को कर लो राजी
ट्रंप ने वेंस को निर्देश दिया है कि वे मध्यस्थों (पाकिस्तान, कतर, तुर्किए) को बताएं, अमेरिका सीजफायर के लिए तैयार ...और पढ़ें

ईरान युद्ध कब होगा खत्म? ट्रंप ने वेंस को सौंपी सीजफायर की जिम्मेदारी (फोटो- रॉयटर)
HighLights
वैंस ने मध्यस्थों से बातचीत में कहा कि ट्रंप का धैर्य खत्म हो रहा है
अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान ने कोई युद्धविराम प्रस्ताव नहीं दिया है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ चल रहे युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए उतावले नजर आ रहे हैं। उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को सीजफायर की जिम्मेदारी सौंप दी है। वहीं अमेरिका ने पाकिस्तान, कतर, तुर्किए के माध्यम से ईरान को अपना संदेश भेजा है।
रॉयटर के अनुसार, ट्रंप ने वेंस को निर्देश दिया है कि वे मध्यस्थों (पाकिस्तान, कतर, तुर्किए) को बताएं, अमेरिका सीजफायर के लिए तैयार है, लेकिन इसमें मुख्य शर्तें पूरी होनी चाहिए। इनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलना शामिल है, ताकि तेल परिवहन सामान्य हो सके।
ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ये शर्तें नहीं मानी गईं तो ईरानी पावर ग्रिड, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले और तेज कर दिए जाएंगे। उन्होंने छह अप्रैल तक की डेडलाइन का जिक्र भी किया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मध्यस्थों से हाल ही में (मंगलवार तक) बातचीत में यह स्पष्ट चेतावनी दी कि ट्रंप का धैर्य अब खत्म हो रहा है। वेंस ने कहा कि अगर तेहरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता, तो ईरानी बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ेगा। वेंस खुद को इस प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभाते हुए देख रहे हैं और वे लंबे युद्ध से बचने के पक्ष में हैं।
कोई युद्धविराम प्रस्ताव नहीं-विदेश मंत्री अराघची
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि देश ने कोई युद्धविराम प्रस्ताव नहीं दिया है। अल जजीरा और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अराघची ने मीडिया में चर्चित पांच सूत्री योजना को सिर्फ अटकलें करार दिया। अराघची ने कहा कि युद्ध तब तक चलेगा जब तक आक्रांता को सजा न मिले।
ईरानी नेतृत्व का यह रुख साफ संकेत देता है कि तेहरान संघर्ष को समाप्त करने के बजाय “प्रतिरोध की नीति” पर कायम रहने का फैसला किया है, जबकि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
