वाशिंगटन, रायटर। इजरायल की दिग्गज सर्विलांस फर्म एनएसओ जासूसी के आरोप में घिर गई है। वाट्सएप का आरोप है कि यह कंपनी चार महाद्वीपों में करीब 1400 यूजरों के मोबाइल फोन हैक करने में सरकारी खुफिया तंत्र की मदद कर रही है। जिन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उनमें राजनयिक, सियासी विरोधी, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं। इस मामले को लेकर वाट्सएप ने एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मंगलवार को अमेरिका में मुकदमा दायर किया।

हैकिंग को सुगम बनाने का भी आरोप

सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में दाखिल किए गए मुकदमे में फेसबुक के स्वामित्व वाले वाट्सएप ने एनएसओ पर 20 देशों में सरकार की हैकिंग को सुगम बनाने का भी आरोप लगाया। हैकिंग में निशाना बनाए गए देशों में सिर्फ मेक्सिको, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन की ही पहचान हो पाई है।

वाट्सएप के अनुसार, सिविल सोसायटी के करीब 100 सदस्यों को भी निशाना बनाया गया। एनएसओ ने हालांकि इन आरोपों से इन्कार किया है। इस फर्म ने कहा, 'हम कड़े शब्दों में इन आरोपों का विरोध करते हैं और पूरे जोश के साथ इनका मुकाबला करेंगे। एनएसओ का इकलौता मकसद आतंकवाद और अपराध से मुकाबले में मदद करने के लिए सरकारी खुफिया और प्रवर्तन एजेंसियों को तकनीक मुहैया कराना है।'

इस तरह होती है जासूसी

वाट्सएप ने आरोप लगाया कि यूजर्स के मोबाइल डिवाइस पर मेलवेयर भेजने के लिए हमारे वीडियो कॉलिंग सिस्टम को निशाना बनाया गया। इस मेलवेयर के जरिये एनएसओ की ग्राहक बताई जा रहीं सरकारें और खुफिया एजेंसियां यूजर्स के मोबाइल फोन की जासूसी करती हैं।

बदलाव का हुआ गलत तरीके से उपयोग 

एक ब्लॉग पोस्ट में साइबर सिक्योरिटी फर्म ने जो ढूंढा है, उसे डिटेल में बताते हुए लिखा गया है कि चेकप्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी इसरायली कंपनी ने कहा है कि इस दोष का मतलब यह है की लोग किसी के रिप्लाई को एडिट कर पाएंगे। इसका इस्तेमाल काफी गलत तरीके से किया जा सकता है क्योंकि Whatsapp के करीब 1.5 बिलियन यूजर्स हैं।

Posted By: Arun Kumar Singh

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