‘आंखों पर पट्टी बांधकर मुक्के खाने जैसा', ईरान के हमलों के बाद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर तबाही की तस्वीरें आईं सामने
पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से हुए भारी नुकसान की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं।

अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की तस्वीर (सोशल मीडिया)
HighLights
ईरानी हमलों से अमेरिकी सैन्य अड्डों को भारी नुकसान।
बोइंग ई-3 सेंट्री विमान, इमारतें और वाहन तबाह।
पेंटागन को 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी मीडिया हाउस 'CBS News' को कुछ विशेष और नई तस्वीरें हाथ लगी हैं, जिनसे इन हमलों में अमेरिकी ठिकानों को हुए भारी नुकसान की असलियत का पता चलता है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तस्वीरें मुहैया कराने वाले अमेरिकी सैनिकों ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि इस विनाशकारी नुकसान की पूरी सच्चाई अब तक अमेरिकी जनता से छिपाई गई थी।
तस्वीरों में सामने आई तबाही की भयावहता
सबसे पहले सऊदी अरब के प्रिंस सु्ल्तान एयरबेस की बात करें तो यहां की एक तस्वीर में बोइंग ई-3 सेंट्री विमान के पिछले हिस्से पर सीधा हमला देखा जा सकता है। इस विमान की पूंछ पूरी तरह से जल चुके मुख्य ढांचे से अलग हो चुकी थी। इस हिस्से में हवा में जासूसी और खुफिया जानकारी जुटाने वाला रडार सिस्टम लगा होता है। बेस की अन्य तस्वीरों में बैरक और इमारतें भी पूरी तरह तबाह नजर आईं।
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दूसरी ओर कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग से सामने आई तस्वीर भी भयावह है। अमेरिकी थल सेना और बख्तरबंद वाहनों के इस प्रमुख ठिकाने पर भी भारी तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। यहां जले हुए ट्रेलर, क्षतिग्रस्त इमारतें और एक बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन दिखाई दिया, जो ईरानी हमलों का शिकार हुआ था। इसके अलावा कुवैत के ही कैंप आरिफजान बेस पर भी एक इमारत को हमलों में काफी नुकसान पहुंचा है।
पेंटागन की रिपोर्ट और अरबों डॉलर का नुकसान
गौर करने वाली बात है कि जारी इस भीषण संघर्ष के बीच हाल ही में अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना को लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 'उपकरणों के नुकसान' का सामना करना पड़ा है, जिसमें लगभग 60 विमान भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमलों को दर्ज किया है।
अमेरिकी सैनिकों का छलका दर्द
बता दें कि एक तैनात अमेरिकी सैनिक ने सीबीएस न्यूज से बात करते हुए सरकार और रक्षा अधिकारियों के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के उस बयान का भी विरोध किया, जिसमें उन्होंने हालिया हमलों को केवल 'छिटपुट मिसाइलें' बताकर खारिज करने की कोशिश की थी।
सैनिक ने कड़े शब्दों में कहा कि यह ऐसा है जैसे हम अपनी आंखें बंद करके खड़े हैं और मुक्के खा रहे हैं। हम इन अड्डों की रक्षा नहीं कर रहे हैं, बल्कि चुपचाप इन्हें तबाह होते देख रहे हैं।
