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'प्यार से या जबरन.. हम ग्रीनलैंड लेकर रहेंगे', ट्रंप की धमकी; बोले- हम नहीं तो रूस-चीन करेंगे कब्जा

Published: Sun, 11 Jan 2026 05:30 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 11 Jan 2026 06:50 AM (GMT+05:30)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर ग्रीनलैंड को जबरन अपने कब्जे में लेने की धमकी दी ...और पढ़ें

'प्यार से या जबरन.. हम ग्रीनलैंड लेकर रहेंगे', ट्रंप की धमकी (फोटो- रॉयटर)

'प्यार से या जबरन.. हम ग्रीनलैंड लेकर रहेंगे', ट्रंप की धमकी (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर दी डेनमार्क के नियंत्रण वाले ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी

  2. कहा-अगर हम यह काम नहीं करेंगे, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेगा

  3. वेनेजुएला पर तेल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कही यह बात

न्यूयॉर्क टाइम्स,वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर ग्रीनलैंड को जबरन अपने कब्जे में लेने की धमकी दी और कहा कि वह ग्रीनलैंड पर कुछ न कुछ करेंगे। चाहे उसे पसंद हो या न हो। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेगा। हम रूस या चीन को पड़ोसी के रूप में नहीं रखना चाहेंगे। मैं प्यार से समझौता करना चाहता हूं। लेकिन अगर यह प्यार से नहीं हुआ, तो हमें जबरन यह काम करना पड़ेगा।

व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने तेल कंपनी के अधिकारियों के साथ वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों का दोहन करने की अपनी योजनाओं पर चर्चा की।

इस दौरान ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति का साम्राज्यवादी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इसके अनुसार, अमेरिका को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पड़ोसी देशों पर प्रभुत्व स्थापित करना होगा, क्योंकि यह आशंका बनी रहती है कि प्रतिद्वंद्वी शक्तियां पहले ऐसा कर सकती हैं।

रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा-अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेगा।

ट्रंप ने झूठा दावा किया कि डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड चीनी और रूसी युद्धपोतों से घिरा हुआ है। वास्तव में रूस और चीन आर्कटिक क्षेत्र में सक्रिय तो हैं, लेकिन ग्रीनलैंड उनके जहाजों से घिरा हुआ नहीं है। दूसरी तरफ अमेरिका का ग्रीनलैंड में एक सैन्य अड्डा है।

ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क ग्रीनलैंड पर केवल इसलिए दावा करता है, क्योंकि 500 साल पहले उसकी एक नाव वहां उतरी थी। इस तरह उन्होंने क्षेत्रीय संप्रभुता के सिद्धांत और ग्रीनलैंड के लोगों की इच्छा दोनों को खारिज कर दिया।

 अमेरिका द्वारा बलपूर्वक ग्रीनलैंड पर कब्जा करने से नाटो के मूल समझौते का उल्लंघन होगा

उन्होंने कहा कि 500 साल पहले ग्रीनलैंड में नाव उतारने का मतलब यह नहीं है कि वह उस भूमि का मालिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका द्वारा बलपूर्वक ग्रीनलैंड पर कब्जा करने से नाटो के मूल समझौते का उल्लंघन होगा, जिसके संस्थापक सदस्य डेनमार्क और अमेरिका दोनों हैं।

इस संधि के तहत किसी भी सदस्य देश पर हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है। लेकिन, ट्रंप ने सैन्य गठबंधन के इस मूल सिद्धांत को खारिज कर दिया और कहा कि वह द्वीप की रक्षा तभी करेंगे, जब अमेरिका सीधे तौर पर इस क्षेत्र का शासन संभालेगा।

ग्रीनलैंड ने ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज किया

एपी के अनुसार, ग्रीनलैंड ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अमेरिका के नियंत्रण के लिए बार-बार किए जा रहे आह्वान को खारिज करते हुए कहा है कि इसका भविष्य स्थानीय लोगों द्वारा तय किया जाना चाहिए।

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन और चार पार्टी नेताओं ने कहा कि हम अमेरिकी नहीं बनना चाहते, हम डेनिश नहीं बनना चाहते, हम ग्रीनलैंड के निवासी बने रहना चाहते हैं। ग्रीनलैंड की संसद भी इस मुद्दे पर चर्चा करने वाली है।

चीन को अमेरिकी बाजार से ही खरीदना पड़ेगा तेल : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि चीन को सिर्फ अमेरिका या वाशिंगटन द्वारा नियंत्रित बाजारों से ही तेल खरीदने की अनुमति होगी। उन्होंने इस कदम को वैश्विक ऊर्जा प्रवाह पर अमेरिकी प्रभाव को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया।

कहा कि बीजिंग अब स्वतंत्र रूप से वेनेजुएला से तेल नहीं खरीद पाएगा और उसे अमेरिका द्वारा अनुमोदित चैनलों के माध्यम से ही तेल खरीदना होगा। चीन हमसे जितना चाहे उतना तेल खरीद सकता है। यह नीति वेनेजुएला में अमेरिकी समझौतों के तहत उत्पादित तेल और अमेरिका से होने वाली आपूर्ति दोनों पर लागू होती है।