अमेरिका, रायटर। वॉरेन बफेट के एक बयान के मुताबिक वह बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के ट्रस्टी के पद को छोड़ रहे हैं और उन्होंने 15 साल पहले लिए अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करते हुए अपनी आधी संपत्ति को दान कर दी। जब उन्होंने बर्कशायर हैथवे इंक को बनाया। 90 वर्षीय बफेट ने कहा कि वह वर्षों से फाउंडेशन में "निष्क्रिय ट्रस्टी" रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके नए मुख्य कार्यकारी का पूरी तरह से समर्थन किया।

पिछले महीने सह-संस्थापक बिल गेट्स और मेलिंडा फ्रेंच गेट्स शादी के 27 साल बाद तलाक लेने की घोषणा के बाद गैर-लाभकारी संस्था का भविष्य अनिश्चित हो गया है। हालांकि बफेट ने इस्तीफा देने के कारण में तलाक का उल्लेख नहीं किया। जबकि उन्होंने बर्कशायर के अलावा सभी निदेशकों को छोड़ दिया जिससे उनके काम का बोझ कम हो गया।

बफेट ने बुधवार को गेट्स फाउंडेशन को बर्कशायर के 4.1 बिलियन डॉलर के शेयर और फोर फैमिली चैरिटीज को दान कर दिया। 2006 में उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि मानवता की भलाई के लिए अपनी संपत्ति का 99% धन दान कर देंगे। इसके बाद से उन्होंने बर्कशायर के 41.5 बिलियन डॉलर से अधिक के शेयर दान किए हैं। जिनकी कीमत अब लगभग 100 बिलियन डॉलर के बराबर है क्योंकि स्टॉक की कीमत बढ़ गई है।

गेट्स फाउंडेशन की स्थापना साल 2000 में हुई थी। वॉरेन बफेट के दान का चौथा-पांचवां हिस्सा गेट्स फाउंडेशन को मिला जिन्होंने पहले दो दशकों में 54.8 बिलियन डॉलर गरीबी, बीमारी और असमानता का मुकाबला करने पर खर्च किया।

संभवतः दुनिया के सबसे प्रसिद्ध निवेशक बफेट ने 1965 के बाद से ओमाहा, नेब्रास्का में स्थित  600 बिलियन डॉलर से अधिक के समूह बर्कशायर जो बीएनएसएफ रेलरोड और जिको ऑटो बीमा जैसे व्यवसायों पर नियंत्रण रखता है। इसके अलावा एप्पल जैसी कम्पनी में शेयर धारक भी हैं।

बफेट ने एक बयान में कहा कि "कई दशकों में मैंने जो करना पसंद किया है, उसे करने से मैंने लगभग समझ से बाहर की राशि जमा की है, समाज मेरे पैसे का उपयोग करता है मैं नहीं करता।

अगर बफेट ने अपनी धन राशि दान नहीं की होती तो उनका धन भी  लगभग अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस के बराबर होता जो फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

 

Edited By: Ritesh Siraj