न्यूयॉर्क, एजेंसियां। अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत और पुलिस के हाथों अन्य अश्वेत लोगों की हत्या के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों की आंच शनिवार को न्यूयॉर्क से लेकर टुल्सा और लॉस एंजिलिस तक फैल गई। कई शहरों में हिंसा और लूटपाट पर काबू पाने के लिए पुलिस ने रबर और आंसू गैस के गोले दागे। अमेरिका के 17 शहरों से लगभग 1400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इंडियानापोलिस में लगातार दूसरे दिन हुए प्रदर्शन के दौरान फायरिंग में एक व्यक्ति मौत हो गई। अमेरिका में उग्र प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए रविवार को लंदन और बर्लिन में रैलियां आयोजित की गईं।

अंतिफा को आतंकी संगठन घोषित करने पर विचार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका धुर वामपंथी संगठन अंतिफा की इन हिंसक प्रदर्शनों में भूमिका को देखते हुए उसे आतंकी संगठन घोषित करने पर विचार कर रहा है। फ्लॉयड की मौत के बाद देशभर में अचानक भड़के हिंसक प्रदर्शनों के लिए ट्रंप प्रशासन इसी अतिवादी संगठन को जिम्मेदार मान रहा है। अटॉर्नी जनरल विलियम पी बर्र ने भी एक बयान में कहा कि हिंसक घटनाएं अंतिफा और अन्य समान समूहों द्वारा भड़काई जा रही हैं और उनके साथ इसी के अनुरूप व्यवहार होगा।

न्‍यूयॉर्क में कई वाहन फूंके

न्यूयॉर्क शहर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है। अटलांटा, लॉस एंजिलिस, फिलाडेल्फिया, डेनवर, सिनसिनाटी, पोर्टलैंड, ओरेगन, लुइसविले, केंटकी सहित कई प्रमुख शहरों में कफ्र्यू के बावजूद रात भर हिंसक घटनाएं होती रहीं।

प्रदर्शनकारियों पर तीर-धनुष से हमला

साल्ट लेक सिटी में एक व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों पर तीर-धनुष से निशाना बनाया। इसके जवाब में भीड़ द्वारा उस पर हमला किया गया। लॉस एंजिलिस की गलियों में आगजनी की घटनाएं हुई। प्रदर्शनकारियों ने उत्तरी कैरोलिना में अमेरिकी झंडे को तोड़ दिया।

फायरिंग में एक की मौत

इंडियानापोलिस में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों द्वारा इमारतों को क्षतिग्रस्त करने और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आग के हवाले करने का सिलसिला जारी रहा। यहां पर प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस अब इन घटनाओं की जांच कर रही है।

प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पें

सोशल मीडिया पर पोस्ट वीडियो में प्रदर्शनकारी मैनहट्टन, टाइम स्क्वायर के फिफ्थ एवेन्यू स्थित ट्रंप टॉवर, कोलंबस सर्किल पर एकत्र होकर फ्लॉयड की मौत का विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। एक वीडियो में न्यूयॉर्क शहर में अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते और उन्हें खदेड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि एक अन्य वीडियो में न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की दो कारें प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ती दिखाई दी जो एक अवरोधक को हटा रहे थे और उस पर सामान फेंक रहे थे। यूनियन स्क्वायर के नजदीक एक बड़े वाहन को भी आग के हवाले करने की घटना सामने आई है।

हिंसा के लिए भड़काया

न्यूयॉर्क के मेयर बिल डी ब्लासियो ने ब्रूकलिन में हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि कुछ लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आए थे, लेकिन दूसरे कुछ लोगों ने उन्हें हिंसा के लिए भड़काया। उन्होंने कहा, 'प्रदर्शन से संबंधित कुछ वीडियो देखे हैं। यह शहर की विचारधारा और मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। न्यूयॉर्क प्रांत के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने कहा, 'अमेरिका का इतिहास नस्लवाद और भेदभाव से भरा पड़ा है। यही सच्चाई है। इस आक्रोश और हताशा के पीछे यह बड़ी वजह है। मैं प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा हूं, लेकिन हिंसा किसी भी मसले का हल नहीं है।'

एक्टर केंड्रिक सैंपसन को पीटा

कुओमो ने कहा कि उन्होंने न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल से बात की है और प्रदर्शन के दौरान लोगों द्वारा की गई हिंसा और पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की स्वतंत्र जांच करने को कहा है। उधर, लॉस एंजिलिस में हुए एक प्रदर्शन में भाग ले रहे हॉलीवुड एक्टर केंड्रिक सैंपसन को पुलिस द्वारा पीटे जाने और रबर की बुलेट मारे जाने की बात सामने आई है।

प्रदर्शनकारियों के निशाने पर मीडिया के लोग

पूरे अमेरिका में हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर उतारू भीड़ के निशाने पर प्रमुख रूप से मीडिया के लोग हैं। शनिवार को व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों ने फॉक्स न्यूज के एक रिपोर्टर लेलैंड विटरेट को पीट दिया। हमले से परेशान विटरेट ने कहा कि उन्हें उनके मीडिया आर्गेनाइजेशन की वजह से निशाना बनाया गया। शनिवार को ही कोलंबिया में टीवी रिपोर्टर पर ईट से हमला किया गया था। जबकि मिनीपोलिस में तो एक पत्रकार की जांघ में रबर की बुलेट आकर लगी थी। पीट्सबर्ग में एक टीवी कैमरामैन प्रदर्शनकारियों द्वारा पीटे जाने की बात कही है।

प्रदर्शनकारियों की भीड़ में पिकअप ट्रक घुसा

फ्लोरिडा के टाल्हासी में शनिवार को प्रदर्शनकारियों की भीड़ में एक पिकअप ट्रक घुस गया जिससे लोगों में भगदड़ मच गई। हालांकि एक बड़ा हादसा टल गया। वीडियो में नजर आ रहा है कि ट्रक यातायात बत्ती पर रुका तो प्रदर्शनकारी उसके आसपास जमा हो गए, कुछ लोग वाहन चालक से बात करने लगे। इसके बाद एक अन्य वीडियो में दिखा कि ट्रक की खिड़की पर एक बोतल मारी गई और ट्रक की गति अचानक से बढ़ गई और हड़बड़ाए लोग एक ओर हो गए। इस घटना में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है।

प्रदर्शनकारियों की जमानत के लिए हॉलीवुड आगे आया

प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की जमानत के लिए हॉलीवुड की कई हस्तियां और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन का स्टाफ आगे आया है। बता दें कि फ्लॉयड की मौत के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान अभी तक 1400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

क्या था मामला

मिनीपोलिस में इस सप्ताह तब प्रदर्शन भड़क उठे जब एक वीडियो में पुलिस अधिकारी को आठ मिनट से अधिक समय तक घुटने से जार्ज फ्लॉयड की गर्दन दबाते देखा गया। बाद में चोटों के कारण फ्लॉयड की मौत हो गई। अश्वेत फ्लॉयड को एक दुकान में नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।

विशेषज्ञ कोरोना फैलने की जता रहे आशंका

मास्क पहने या शारीरिक दूरी का पालन किए बिना बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों में चिंता पैदा हो गई है कि इससे कोरोना वायरस महामारी फिर से फैल सकती है। वह भी ऐसे समय जब देशभर में इससे मरने वाले लोगों की संख्या में कमी आई और अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने की कोशिशें चल रही हैं।

छह प्रांतों ने नेशनल गार्ड बुलाए

स्थिति पर नियंत्रण के लिए छह प्रांतों ने नेशनल गार्ड को बुलाया है। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार राबर्ट ओ ब्रायन ने कहा कि संघीय तौर पर नेशनल गार्ड को तैनात करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मेयर और गवर्नर के अनुरोध पर उन्हें भेजा जाएगा।

लंदन, बर्लिन में प्रदर्शन

अमेरिका में उग्र प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए रविवार को लंदन और बर्लिन में रैलियों का आयोजन किया गया। लंदन के टै्रफल्गर स्क्वायर पर एकत्रित हुए प्रदर्शनकारी 'न्याय नहीं तो शांति नहीं' का नारा लगा रहे थे। इसके बाद उन्होंने संसद से पदयात्रा निकाली जो अमेरिकी दूतावास पर जाकर खत्म हुई। इसी तरह बर्लिन में अमेरिकी दूतावास के सामने सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। वे पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था-जॉर्ज फ्लायड को न्याय दो, हत्या बंद करो और अगला कौन?

नस्ली समानता का समर्थन करता है गूगल

गूगल ने कहा है कि वह नस्ली समानता का समर्थन करता है। गूगल के भारतीय-अमेरिकी सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि आज यूएस गूगल और यूट्यूब के होम पेज के जरिये हम नस्ली समानता का समर्थन करते हैं और अश्वेत समुदाय के पक्ष में खड़े हैं। हम जॉर्ज फ्लॉयड, ब्रेओन्ना टेलर, अहमद आर्बेरी और अन्य को याद करते हैं, जिनकी आवाज दबा दी गई। गायिका लेडी गागा ने भेदभाव खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि यह बदलाव का समय है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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