टैक्स फार्म में नागरिकता पूछेगा अमेरिका, प्रवासियों में बढ़ सकती है चिंता; ट्रंप प्रशासन कर रहा तैयारी
ट्रंप प्रशासन अगले साल टैक्स रिटर्न भरने वाले लोगों से उनकी नागरिकता और अमेरिका में काम करने के कानूनी अधिकार के बारे में पूछने की तैयारी कर रहा है।

टैक्स फार्म में नागरिकता पूछेगा अमेरिका, प्रवासियों में बढ़ सकती है चिंता (फोटो- रॉयटर)
HighLights
अगले साल के फार्म-1040 में पूछा जाएगा- क्या आप अमेरिकी नागरिक या काम करने के लिए अधिकृत विदेशी हैं
विशेषज्ञों ने इसे बिना पक्के कानूनी दर्जे वाले प्रवासियों को टैक्स लाभ से दूर रखने की कोशिश बताया
न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन अगले साल टैक्स रिटर्न भरने वाले लोगों से उनकी नागरिकता और अमेरिका में काम करने के कानूनी अधिकार के बारे में पूछने की तैयारी कर रहा है।
आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) के फार्म-1040 के मसौदे में नया खंड जोड़ा गया है, जिसमें करदाताओं को बताना होगा कि वे अमेरिकी नागरिक, अमेरिकी नेशनल या अमेरिका में काम करने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत विदेशी नागरिक हैं या नहीं।
फार्म में करदाताओं और संयुक्त रूप से रिटर्न भरने की स्थिति में उनके जीवनसाथी से ‘हां’ या ‘नहीं’ में जवाब मांगा जाएगा। प्रशासन का यह कदम ऐसे प्रवासियों को संघीय टैक्स लाभ से दूर रखने की व्यापक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, जिनका अमेरिका में कानूनी दर्जा पक्का नहीं है।
हालांकि कई टैक्स क्रेडिट के लिए पहले से ही वैध सोशल सिक्योरिटी नंबर जरूरी है। इसलिए टैक्स और आव्रजन मामलों के कई विशेषज्ञों का मानना है कि नए सवाल का व्यावहारिक असर सीमित हो सकता है, लेकिन इससे प्रवासियों में यह डर बढ़ सकता है कि टैक्स भरने के दौरान दी गई जानकारी का इस्तेमाल आव्रजन कार्रवाई में किया जा सकता है।
आईआरएस की पूर्व अधिकारी और सेंटर फॉर टैक्सपेयर राइट्स की कार्यकारी निदेशक नीना ओल्सन ने कहा कि टैक्स कानून लागू करने के लिए आईआरएस को इस जानकारी की जरूरत नहीं है।
उनके संगठन ने पहले डाटा साझा किए जाने को लेकर आईआरएस के खिलाफ मुकदमा भी किया था। उनके मुताबिक, इस जानकारी के मांगे जाने से लोगों में डर पैदा हो सकता है।
उधर, ट्रेजरी विभाग कानूनी दर्जे वाले कुछ प्रवासियों को भी कई टैक्स क्रेडिट का पूरा लाभ मिलने से रोकने के लिए पात्रता नियम सख्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसका असर डीएसीए के तहत संरक्षण पाने वालों और कामकाजी वीजा पर रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।
टैक्स तैयार करने वालों और वकीलों का कहना है कि नए नियमों से अगले साल लाखों करदाताओं के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। वहीं प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य ऐसे लोगों को टैक्स लाभ से रोकना है, जो इसके पात्र नहीं हैं।
