वाशिंग्टन, पीटीआइ। अमेरिका में आयोजित राज्य और स्थानीय चुनाव में चार भारतीय समुदाय के अमेरिकियों ने जीत दर्ज की है। इसमें एक मुस्लिम महिला और एक पूर्व व्हाइट हाउस प्रौद्योगिकी नीति सलाहकार शामिल है। पूर्व अमेरिकी कम्युनिटी कॉलेज की भारतीय-अमेरिकी गजला हाशमी ने वर्जीनिया राज्य सीनेट में निर्वाचित होने वाली पहली मुस्लिम महिला बनकर इतिहास रच दिया। वहीं सुहास सुब्रमण्यम ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस प्रौद्योगिकी नीति सलाहकार के रूप में कार्य किया है। वो वर्जीनिया राज्य प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए।  

डेमोक्रेटस उम्मीदवार हाशमी पहली बार चुनाव लड़ीं और उन्होंने रिपब्लिकन स्टेट सीनेटर ग्लेन स्ट्रेटवेंट को हराया। इस  ऐतिहासिक जीत के बाद उन्होंने कहा, 'यह जीत अकेली मेरी नहीं है। यह जीत आप सभी की जिन्होंने माना कि हमें वर्जीनिया में यहां प्रगतिशील बदलाव लाने की जरूरत है।'

ओबामा के सलाहकार सुब्रमण्यम

सुब्रमण्यम ने कैपिटल हिल पर एक स्वास्थ्य सेवा और दिग्गज नीति सहयोगी के रूप में सेवा दिया। उन्होंने एक प्रौद्योगिकी और नियामक वकील के रूप में काम किया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें अपना व्हाइट हाउस प्रौद्योगिकी नीति सलाहकार बनाया था ।

मनो राजू ने सैन फ्रांसिस्को से चुनाव जीता

भारतीय-अमेरिकी मनो राजू ने सैन फ्रांसिस्को से चुनाव जीता। राजू ने बैचलर्स करने के लिए कोलंबिया विश्वविद्यालय मेें दाखिला लिया। उन्होंने इस दौरान क्रिटिकल रेस थ्योरी पर शोध किया। ऑक्सफोर्ड सेंटर फॉर अफ्रीकन स्टडीज में एक प्रभावशाली फैलोशिप के बाद दक्षिण एशियाई अध्ययन में मास्टर्स  करने के लिए वो 90 के दशक में बर्कले चले गए। यहां उन्होंने एक वकील के ऑफिस में इंटर्नशिप की

डिंपल अजमेरा ने फिर चुनाव जीता

उत्तरी कैरोलिना में डिंपल अजमेरा ने चार्लोट सिटी काउंसिल के लिए फिर से चुनाव जीता। एक पूर्व प्रमाणित सार्वजनिक लेखाकार, अजमेरा 16 वर्ष की आयु में अपने माता-पिता के साथ भारत से अमेरिका चली गईं। उस समय उन्हें अंग्रेजी नहीं बोलना नहीं आता था। इसके बाद  उन्होंने दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (USC) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और बाद में एक प्रमाणित सार्वजनिक लेखाकार (CPA) बनकर अपना लोहा मनवाया।

Posted By: Tanisk

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