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ईरान युद्ध में अमेरिका को भारी झटका: गोला-बारूद पर फूंक दिए 22 अरब डॉलर, पेंटागन की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

Published: Tue, 15 Sep 2026 11:31 PM (IST)

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के पहले लगभग चार महीनों में अमेरिकी सैन्य अभियान पर करीब 33.4 ...और पढ़ें

ईरान युद्ध में अमेरिका को भारी झटका: गोला-बारूद पर फूंक दिए 22 अरब डॉलर (फोटो- रॉयटर)

ईरान युद्ध में अमेरिका को भारी झटका: गोला-बारूद पर फूंक दिए 22 अरब डॉलर (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. रिपोर्ट में अमेरिकी विमानों और ड्रोनों के नुकसान का भी जिक्र है

  2. अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं को भी 184 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। पिछले कुछ महीने अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध चला, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने कई युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात कर दिए थे। वहीं, अब एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें अमेरिका का युद्ध में खर्च के बारे में बताया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के पहले लगभग चार महीनों में अमेरिकी सैन्य अभियान पर करीब 33.4 अरब डॉलर खर्च हुए हैं। इसमें से अकेले गोला-बारूद पर 22.3 अरब डॉलर खर्च हुए। पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

यह रिपोर्ट 28 फरवरी से 30 जून 2026 तक की अवधि को कवर करती है। अमेरिकी सैन्य अभियान का नाम ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ है।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल अनुमानित लागत में 22.3 अरब डॉलर गोला-बारूद पर, 3.7 अरब डॉलर उपकरणों के नुकसान पर और 7.4 अरब डॉलर अन्य खर्चों पर हुए।

इसमें क्षतिग्रस्त सैन्य ठिकानों की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने जुलाई में कांग्रेस को बताया था कि युद्ध की लागत 37.5 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है।

विमानों और ड्रोनों का बड़ा नुकसान

रिपोर्ट में अमेरिकी विमानों और ड्रोनों के नुकसान का भी जिक्र है। कम से कम चार एफ-15ई फाइटर जेट नष्ट हो गए। इनमें से तीन कुवैत में फ्रेंडली फायर से और एक ईरान के ऊपर युद्ध के दौरान खो गया। एक एफ-35ए स्टेल्थ फाइटर ईरानी हमले में क्षतिग्रस्त हुआ। एक ए-10 ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट भी मार गिराया गया।

कम से कम सात केसी-135 एयर रिफ्यूलिंग टैंकर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए। इनमें से एक इराक में क्रैश हुआ और पांच सऊदी अरब में ईरानी मिसाइलों-ड्रोनों से जमीन पर क्षतिग्रस्त हुए। एक ई-3 सेंट्री एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट भी क्षतिग्रस्त हुआ। हेलीकॉप्टरों में भी नुकसान हुआ, जबकि एमक्यू-9 रीपर ड्रोनों में करीब 30 तक नष्ट होने की जानकारी है।

सैन्य ठिकानों और दूतावासों को नुकसान

ईरानी हमलों में कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों इमारतें और संरचनाएं क्षतिग्रस्त या नष्ट हुईं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के लॉजिस्टिक्स हब को बड़ा नुकसान पहुंचा, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई।

अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं को भी 184 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इराक में सबसे ज्यादा करीब 157 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। कुवैत में दूतावास अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन हमले हुए।

अमेरिकी सैनिकों की मौत और घायल

रिपोर्ट के अनुसार, जून 30 तक कम से कम 11 अमेरिकी सैनिक युद्ध में मारे गए और सात अन्य गैर-शत्रुतापूर्ण घटनाओं में मारे गए। ईरानी हमलों में कम से कम 417 अमेरिकी सैन्य कर्मी घायल हुए।

गोला-बारूद की कमी और उत्पादन में बाधाएं

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारी मात्रा में गोला-बारूद के इस्तेमाल से ‘रणनीतिक स्टॉक में कमी’ आई है और अमेरिकी रक्षा उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं उजागर हुई हैं। पैट्रियट इंटरसेप्टर का स्टॉक युद्ध से पहले के करीब 2,330 से घटकर 759-827 रह गया। थाड इंटरसेप्टर भी 452 से घटकर 234-278 रह गए।