यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
US Golden Dome: ट्रंप की ऐतिहासिक घोषणा, अंतरिक्ष मिसाइल रक्षा प्रोजेक्ट 'गोल्डन डोम' प्रोजेक्ट का किया एलान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को महत्वाकांक्षी गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रोजेक्ट की घोषणा कर दी है। इस प्रोजक्ट ...और पढ़ें

HighLights
- गोल्डन डोम का विचार इजरायल के रक्षा कवच आयरन डोम से प्रेरित
- गोल्डन डोम पर अरबों डॉलर खर्च होने का अनुमान है
- ट्रंप बोले- हम अपना वादा पूरा करने जा रहे हैं
रॉयटर, वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को महत्वाकांक्षी गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रोजेक्ट की घोषणा कर दी है। इस प्रोजक्ट का एलान करते हुए ट्रंप ने कहा कि हम गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड के बारे में ऐतिहासिक घोषणा कर रहे हैं। यह कुछ ऐसा है जो हम चाहते हैं।
आगे कहा कि रोनाल्ड रीगन (40वें अमेरिकी राष्ट्रपति) इसे कई साल पहले चाहते थे, लेकिन उनके पास तकनीक नहीं थी। लेकिन यह कुछ ऐसा है जो हमारे पास होगा। हम इसे उच्चतम स्तर पर रखने जा रहे हैं।
ट्रंप बोले- हम अपना वादा पूरा करने जा रहे हैं
साथ ही ट्रंप ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान, मैंने अमेरिकी लोगों से वादा किया था कि मैं अपने देश को विदेशी मिसाइल हमले के खतरे से बचाने के लिए अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस शील्ड बनाऊंगा। और यही हम आज कर रहे हैं।
गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड का उद्देश्य मिसाइलों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उन्हें रोकने के लिए उपग्रहों का नेटवर्क बनाना है। मिसाइल का पता लगाने और उन पर नजर रखने के लिए सैकड़ों उपग्रहों की तैनाती हो सकती है।
गोल्डन डोम का विचार आयरन डोम से प्रेरित
गोल्डन डोम पर अरबों डालर खर्च होने का अनुमान है। डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस प्रोजेक्ट में ट्रंप के सहयोगी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की भागीदारी के बारे में चिंता जताई है। गोल्डन डोम का विचार इजरायल के रक्षा कवच आयरन डोम से प्रेरित है।
इसे लागू होने में कई साल लगेंगे
आयरन डोम मिसाइलों और रॉकेटों से इजरायल की रक्षा करता है। इसे लागू होने में कई साल लगेंगे। रिपब्लिकन सांसदों ने 150 अरब डॉलर के रक्षा पैकेज के हिस्से के रूप में गोल्डन डोम के लिए 25 अरब डॉलर बिलियन का प्रारंभिक निवेश प्रस्तावित किया है, लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित करवाना आसान नहीं होगा।
