'मिडिल ईस्ट के संघर्षों से दूर रहे अमेरिका', अमेरिकी राष्ट्रपति के बेटे ट्रंप जूनियर ने किया था ईरान युद्ध का विरोध
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बड़े बेटे डोनल्ड ट्रंप जूनियर ने शुरुआत से ही ईरान के खिलाफ युद्ध का निजी तौर ...और पढ़ें

अमेरिकी राष्ट्रपति के बेटे ट्रंप जूनियर ने किया था ईरान युद्ध का विरोध
HighLights
ट्रंप जूनियर लंबे समय से विदेशी सैन्य हस्तक्षेप के प्रति संदेह रखते रहे हैं
जूनियर ट्रंप ने राष्ट्रपति से ईरान मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं जताया है
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बड़े बेटे डोनल्ड ट्रंप जूनियर ने शुरुआत से ही ईरान के खिलाफ युद्ध का निजी तौर पर विरोध किया था। रिपोर्ट के अनुसार, उनका मानना था कि अमेरिका को मध्य पूर्व में एक और संघर्ष से बचना चाहिए।
द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप जूनियर ने अपने पिता को अपना विरोध स्पष्ट रूप से बताया। दो लोगों ने, जिन्होंने उनसे सीधे बात की, यह जानकारी दी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं जताया है।
उनके करीबी एक व्यक्ति ने कहा कि ट्रंप जूनियर ने इस विषय पर अपने विचार निजी रखे हैं। वे कभी भी अपने पिता से सार्वजनिक रूप से इस तरह के मुद्दे पर अलग नहीं होंगे, लेकिन जो कोई भी ट्रंप जूनियर को जानता है, उसे उनके निजी विचारों पर आश्चर्य नहीं होगा।
ट्रंप जूनियर लंबे समय से विदेशी सैन्य हस्तक्षेप के प्रति संदेह रखते रहे हैं। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में उन्होंने पिता के इस वादे का समर्थन किया था कि अमेरिका मध्य पूर्व में नया युद्ध नहीं लड़ेगा।
अप्रैल 2024 में उन्होंने एक्स पर लिखा था कि याद है जब उन्होंने कहा था कि ट्रंप हमें ईरान के साथ पूर्ण युद्ध में धकेल देंगे? उन्होंने ट्रंप की ताकत और दृढ़ संकल्प की तारीफ भी की थी।
यह युद्ध मैगा (MAGA) आंदोलन में भी विभाजन पैदा कर रहा है। एक तरफ गैर-हस्तक्षेपवादी हैं जो मानते हैं कि विदेशी युद्ध घरेलू प्राथमिकताओं से संसाधनों को मोड़ते हैं, दूसरी तरफ योद्धा (हॉक्स) हैं जो अमेरिका को विरोधियों के खिलाफ अधिक आक्रामक सैन्य शक्ति इस्तेमाल करने की वकालत करते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पहले निजी तौर पर विरोध जताया था। सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के फरवरी वाले शासन-परिवर्तन प्रस्ताव को लेकर संदेह में थे।
