वाशिंगटन, रायटर्स। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (US PRESIDENT BIDEN) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में जापान (JAPAN) की स्थायी सीट के लिए समर्थन जाहिर किया है।  अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के तौर पर जापान की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं। यह जानकारी NHK पब्लिक टेलीविजन ने दी। UNSC में सुधारों के लिए आवाज भी उठाई जा रही है।

इस समय UNSC में पांच स्थायी सदस्य और 10 गैर-स्थायी सदस्य देश शामिल हैं। अस्थायी सदस्यों को संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। पांच स्थायी सदस्य रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और अमेरिका हैं और ये देश किसी भी मूल प्रस्ताव को ‘वीटो’ कर सकते हैं।

इस साल के अंत में खत्म होगा भारत का कार्यकाल

भारत जनवरी 2021 में दो साल के कार्यकाल के लिए UNSC का अस्थायी सदस्य बना था और उसका कार्यकाल दिसंबर 2022 में समाप्त हो जाएगा। बता दें कि भारत UNSC में स्थायी सीट के लिए एक दशक से अधिक से जोर दे रहा है, लेकिन चीन सबसे बड़ी बाधा रहा है। हालांकि नॉर्डिक देशों के समर्थन से भारत की उम्मीदें जगी हैं। UNSC का मसला नॉर्वे की विदेश मंत्री एनिकेन हुइटफेल्ड और विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर के बीच हुई चर्चा में भी उठा जब वह रायसीना डायलाग के लिए दिल्ली पहुंचीं थी। 

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या में विस्तार के जरिए इसमें सुधार की जरूरत को महत्वपूर्ण बताया है ताकि यह वैश्विक निकाय अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में जटिल और बदलती चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट सकें। जी4 मंत्री स्तरीय संयुक्त प्रेस बयान में कहा गया  कि इन देशों ने सुरक्षा परिषद को अधिक तर्कसंगत, प्रभावी और सभी का प्रतिनिधित्व करने वाला बनाने के लिए उसमें सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है। साथ ही यह भी कहा गया, 'जी 4 मंत्रियों ने पुन: दोहराया कि सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की दोनों श्रेणियों में विस्तार के लिए उसमें सुधार अति आवश्यक है ताकि सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए जटिल और बदलती चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट सकें और अपने कर्तव्यों का प्रभावी तरीके से निर्वहन कर सकें।' जी4 मंत्रियों ने सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों के तौर पर शामिल होने के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी का समर्थन किया। 

Edited By: Monika Minal