वाशिंगटन, एजेंसी। कोरोना महामारी आने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग नवंबर में पहली विदेश यात्रा पर होंगे। वह इंडोनेशिया में जी-20 सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से भेंट हो सकती है।

कोराना के बाद शी चिनफिंग की पहली यात्रा होगी

गौरतलब है कि दुनिया में कोरोना महामारी आने के बाद चिनफिंग देश से बाहर नहीं गए हैं। चिनफिंग की दक्षिण पूर्व एशिया यात्रा को लेकर चीन के अधिकारी तैयारी कर रहे हैं। वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में शुक्रवार को बताया गया कि नवंबर में इंडोनेशिया में होने वाले जी- 20 सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की मुलाकात हो सकती है।

बाइडन प्रशासन ने दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात को लेकर चल रही खबरों की पुष्टि नहीं की है। बता दें कि ताइवान, व्यापार और कई अन्य मुद्दों को लेकर दोनों देशों में मतभेद हैं। नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद दोनों देशों का तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।

ज्ञात हो कि वाशिंगटन के ताइवान के साथ आधिकारिक संबंध नहीं हैं और वह "एक-चीन नीति" का पालन करता है जो बीजिंग को मान्यता देता है, ताइवान को नहीं। लेकिन यह अमेरिकी कानून द्वारा द्वीप को अपनी रक्षा के लिए साधन प्रदान करने के लिए बाध्य है, और अधिक स्पष्ट समर्थन के लिए कांग्रेस में दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग के बीच 28 जुलाई को पांचवीं बार फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को ताइवान पर 'आग से नहीं खेलने' की चेतावनी दीजा थी।

बातचीत में जो शी चिनफिंग ने जो बाइडन से कहा था कि मेरिका को 'एक-चीन सिद्धांत' का पालन करना चाहिए और जोर देकर कहा कि चीन ताइवान की स्वतंत्रता और बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप का दृढ़ता से विरोध करता है। बाइडन ने शी को बताया था कि ताइवान पर अमेरिकी नीति नहीं बदली है और अमेरिका यथास्थिति को बदलने या ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता को कमजोर करने के एकतरफा प्रयासों का कड़ा विरोध करता है।

Edited By: Arun Kumar Singh