परमाणु रिएक्टर और 90 दिनों का बैकअप प्लान, वैश्विक युद्ध के लिए क्या है अमेरिका की गुप्त तैयारी?
अमेरिका एक बड़े युद्ध की संभावना को देखते हुए अपनी रणनीतिक तैयारियों को धार दे रहा है, जिसमें सैन्य अड्डों ...और पढ़ें

क्या है अमेरिका की गुप्त युद्ध तैयारी? (फाइल फोटो)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका एक ऐसे विनाशकारी और बड़े युद्ध की संभावना को देखते हुए अपनी रणनीतिक तैयारियों को धार देने में जुट गया है, जो विदेशी युद्धक्षेत्रों से बढ़कर उसके अपने नागरिक बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह पंगु बना सकता है।
दरअसल, पेंटागन ने फोर्ट्रेस नामक एक व्यापक पहल शुरू की है। जिसके तहत महाद्वीपीय अमेरिका के सभी प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों को बिजली ग्रिड ठप होने, जलापूर्ति बाधित होने और नागरिक सेवाएं नष्ट हो जाने की स्थिति में भी कम से कम 90 दिनों तक बाहरी मदद के बिना स्वतंत्र रूप से पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा।
FORTRESS नामक इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी बड़े संघर्ष के दौरान बिजली ग्रिड ठप हो जाने, आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो जाने और आवश्यक नागरिक सेवाएं बाधित हो जाने पर भी अमेरिकी सेनाएं लड़ना जारी रख सकें।
इसके लिए पोर्टेबल परमाणु रिएक्टरों, माइक्रोग्रिड्स, वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखलाओं और नागरिक कारखानों को आपातकालीन रक्षा विनिर्माण में बदलने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
इसके साथ ही, पेंटागन विदेशी दुश्मनों के तकनीकी विकास को बाधित करने के लिए एक अत्यंत गुप्त एजेंसी 'टीएसओ' का संचालन कर रहा है, जबकि भविष्य के हाई-टेक युद्धों में अपनी श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए एआई, रोबोटिक्स और लेजर हथियारों पर केंद्रित 'प्रोजेक्ट मेरिडियन' लॉन्च किया गया है, जिसका नेतृत्व एलन मस्क और पामर लकी जैसे दिग्गज करेंगे।
दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए क्या कर रहा अमेरिका?
अमेरिका की यह तैयारी सिर्फ बिजली और ईंधन की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं हैं। पेंटागन महत्वपूर्ण सैन्य आपूर्तियों का रणनीतिक भंडार बनाने, संकट के समय रक्षा उपकरण बनाने के लिए नागरिक कारखानों को तैयार करने और दुश्मनों की सैन्य क्षमताओं का मुकाबला करने के लिए प्रौद्योगिकियां विकसित करने की भी योजना बना रहा है।
इसके अलावा, अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान प्रोजेक्ट मेरिडियन जैसी पहलों के माध्यम से उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य के युद्धक्षेत्रों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है, जबकि एक नई, अत्यंत गुप्त एजेंसी उन विदेशी प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों को बाधित करने का प्रयास कर रही है जो अमेरिकी सैन्य श्रेष्ठता के लिए खतरा बन सकते हैं।
सैन्य अड्डों के लिए 90-दिवसीय सर्वाइवल प्लान
फॉक्स न्यूजके अनुसार, पेंटागन के फोर्ट्रेस कार्यक्रम के तहत अमेरिकी सैन्य अड्डों को किसी भी बड़े संकट में कम से कम 90 दिनों तक बिना बाहरी मदद के संचालित रखने की योजना है।
इसमें नागरिक ग्रिड ठप होने पर भी बिजली, पानी, संचार और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योजना में सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए पोर्टेबल परमाणु रिएक्टर, माइक्रोग्रिड और बैटरी बैकअप शामिल हैं।
इसके अलावा जरूरी हथियारों, खनिजों, दवाओं के वैकल्पिक रणनीतिक भंडार और नागरिक फैक्ट्रियों को आपातकालीन रक्षा उत्पादन में बदलने की तैयारी भी की जा रही है।
दुश्मनों की तकनीक बाधित करने के लिए गुप्त एजेंसी
पॉलिटिको की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन विदेशी विरोधियों की सैन्य बढ़त रोकने के लिए गोपनीय स्तर पर काम कर रहा है। इसके तहत वर्गीकृत खुफिया कार्यक्रमों को पुनर्गठित कर प्रौद्योगिकी सहायता कार्यालय (TSO) का गठन किया गया है।
यह एजेंसी वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर आधुनिक हैकिंग टूल्स और विदेशी हथियार प्रणालियों में तकनीकी बाधा डालने की रणनीतियों पर काम करती है, ताकि विरोधी देशों की तकनीक अमेरिकी सेना के लिए खतरा न बन सके।
भविष्य के हाई-टेक युद्ध की तैयारी
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भविष्य के युद्धक्षेत्रों में तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए 'प्रोजेक्ट मेरिडियन' शुरू करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्वायत्त प्रणालियों, निर्देशित-ऊर्जा (लेजर) हथियारों, रोबोटिक्स और जैव प्रौद्योगिकी पर होगा।
इस पहल का नेतृत्व स्पेसएक्स के एलोन मस्क, एंडुरिल इंडस्ट्रीज के पामर लकी और न्यूट गिंगरिच करेंगे, जबकि पेंटागन के टेक प्रमुख एमिल माइकल इसमें सहयोग देंगे।
