वाशिंगटन, रॉयटर्स। अदृश्य घातक कोरोना वायरस के खात्मे के लिए अमेरिका ने अपने वैक्सीन बनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। अमेरिका चाहता है कि किसी भी हाल में इस साल के अंत तक इसके लिए वैक्सीन बनकर तैयार हो जाए। इसके लिए किए जा रहे टेस्टिंग के प्रयासों में एक लाख से अधिक वॉलंटियरों को शामिल किया गया है। इसकी जानकारी प्रोग्राम का नेतृत्व कर रहे वैज्ञानिकों ने दी।

जहां एक वैक्सीन को विकसित करने में दस साल का समय लगता था वहीं इस प्रोजेक्ट के जरिए यह कुछ ही महीनों में तैयार हो जाएगा। दरअसल, यह वक्त की मांग है क्योंकि इस वायरस ने लगभग दो माह की अवधि में ही महामारी का रूप ले लिया। इस कोविड-19 के चपेट में 50 लाख से अधिक लोग आए और 3 लाख 35 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।

अग्रणी वैक्सीन निर्माताओं ने डाटा शेयर और अपने क्लिनिकल ट्रायल नेटवर्क को देने की सहमति जताई है। छोटे प्रारंभिक अध्ययनों में जिन उम्मीदवारों ने सुरक्षित प्रदर्शन दिखाए थे उन्हें हर वैक्सीन के लिए 20-30 हजार विषयों के बड़े ट्रायल में शामिल किया जाएगा। संक्रामक रोगों के व‍िशेषज्ञ डॉक्‍टर एंथनी फॉसी ने कहा, 'यदि सब सही रहा तो दिसंबर या जनवरी तक वैक्सीन तैयार हो जाएगा।'  अमेरिका की सरकार की ओर से वैक्सीन के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च करने की बात कही गई है।

इस समय कोरोना वायरस के कारण संघर्ष कर रही दुनिया के तमाम देशों में कोरोना की वैक्सीन पर काम चल रहा है। दर्जनों रिसर्च संस्थान इसपर काम कर रहे हैं। अमेरिका, चीन और दक्षिण कोरिया में भी अगले महीने तक ऐसे ही वैक्सीन पर काम होने की संभावना है जिसे इनोवियो फार्मास्युटिकल्स बना रही है। सिएटल में हुए इस परीक्षण की तैयारी उस दिन के बाद से ही तेजी के साथ शुरू हो गई थी जिस दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को एक महामारी घोषित किया था।

Posted By: Monika Minal

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