वाशिंगटन, प्रेट्र। कश्मीर में संचार प्रतिबंध के चलते वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। यह बात एक शक्तिशाली अमेरिकी संसदीय समिति ने कही है। समिति ने भारत से प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया है।

दो माह से कश्मीर में मोबाइल सेवाएं ठप, इंटरनेट सेवाएं बंद हैं

बता दें कि पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 खत्म करने और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा के बाद कश्मीर में सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे। प्रतिबंधों को दो महीने से ऊपर हो गए हैं, लेकिन उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा और कुपवाड़ा क्षेत्रों को छोड़कर कश्मीर में मोबाइल सेवाएं ठप हैं, वहीं घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।

संसद की विदेश मामलों की समिति ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, 'कश्मीर में भारत द्वारा संचार प्रतिबंध से कश्मीरियों के जीवन पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है।' समिति ने भारत से आग्रह किया है कि वह इन प्रतिबंधों को खत्म करें और किसी अन्य भारतीय नागरिक के समान कश्मीरियों को अधिकार प्रदान करें।

कश्मीर में मानवाधिकार को लेकर समिति ने पीएम मोदी से किया आग्रह

भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल सहित 13 सांसदों की समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति पर चिंताओं को दूर करने और संचार प्रतिबंध खत्म करने का आग्रह किया है।

Posted By: Bhupendra Singh

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