नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। Uyghur Human Rights Policy Act : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हांगकांग के प्रदर्शनकारियों के समर्थन वाले विधेयक को मंज़ूरी देने के कुछ दिन बाद अब अमेरिकी संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) ने चीन में उइगर मुसलमानों की नजरबंदी और उत्पीड़न को रोकने के लिए उइगर मानवाधिकार नीति (उइगर ह्यूमन राइट्स पॉलिसी एक्ट ऑफ 2019) नाम का विधेयक पारित किया है। अभी इसे सीनेट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अनुमोदन की आवश्यकता होगी। वहीं चीन ने अमेरिकी संसद के इस कदम को उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।

जेल और यातना गृह से कम नहीं हैं ये हिरासत केंद्र

विधेयक में चीन द्वारा शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के खिलाफ लागू की गईं कुछ नीतियों का विवरण भी दिया गया है, जोकि कुछ इस प्रकार हैं

  • फेशियल और वॉयस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर और प्रेडिक्टिव पुलिसिंग डाटाबेस।
  • व्यापक, उच्च तकनीक निगरानी, जिसमें बच्चों के डीएनए नमूनों का संग्रह शामिल है।
  • व्यक्ति कितनी बार प्रार्थना करते हैं, इसके बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए घर के बाहर क्यूआर कोड का उपयोग।

क्या है विधेयक?

उइगर मानवाधिकार नीति 2019 का उद्देश्य चीन में रह रहे करीब 10 लाख उइगर मुसलमानों समेत सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त मानवाधिकारों के उल्लंघनों पर नजर रखना है। यह विधेयक चीन की सरकार पर उइगर मुसलमानों के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाता है। शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों को कई महत्वपूर्ण नागरिक और राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। जैसे, उन्हें अधिकारों के लिए आवाज उठाने की आजादी नहीं है। साथ ही अपने धर्म का पालन करने और न्यायालयों में निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं है।

प्रतिबंध की मांग

इस विधेयक में कहा गया है कि जो चीनी अधिकारी शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों के हनन के लिए जिम्मेदार रहे हैं, उनपर अमेरिकी सरकार कुछ प्रतिबंध लगाए। शिनजियांग प्रांत में कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे बड़े नेता चेन क्वांगो का नाम इस विधेयक में साफतौर पर लिखा गया है, जिन्हें शिनजियांग के हिरासत केंद्रों का निर्माता माना जाता है।

दस लाख हिरासत में

तीन साल में ये हिरासत केंद्र बनाए गए हैं। यहां दस लाख लोगों को अवैध हिरासत में रखा है। ये मुस्लिम उइगर हैं। विधेयक में इन हिरासत केंद्रों को तत्काल बंद करने की बात कही गई है।

शिनजियांग में क्या चल रहा है?

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि शिनजियांग प्रांत में लाखों मुसलमानों को हाई-सिक्योरिटी वाले हिरासत केंद्रों में नजरबंद किया गया है। जबकि चीन सरकार लगातार यह कहती रही है कि इन शिविरों में शिक्षा और प्रशिक्षण मुहैया कराया जाता है और यह स्वैच्छिक है। लेकिन आधिकारिक दस्तावेज बताते हैं कि किस तरह उन्हें जेलों में बंद रखा जाता है, सजा दी जाती है और जबरदस्ती खास तरह के विचार सिखाए जाते हैं।

हांगकांग के लिए विधेयक

चीन की कड़ी आपत्तियों के बावजूद कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हांगकांग के प्रदर्शनकारियों के समर्थन वाले द हांगकांग ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी एक्ट विधेयक को मंज़ूरी दी। इसमें कहा गया है कि सालाना समीक्षा के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं चीन हांगकांग की नागरिक स्वतंत्रता का हनन तो नहीं कर रहा और हांगकांग में नियमों के तहत ही शासन चल रहा है या नहीं। अमेरिका इस बात पर भी नजर बनाए रखेगा कि हांगकांग की स्वायत्ता बरकरार रहे ताकि उसका विशेष व्यापारिक दर्जा बना रहे।

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Posted By: Sanjay Pokhriyal

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