वाशिंगटन, एजेंसी। रिपब्लिकन पार्टी के प्रभावशाली सांसद मार्क ग्रीन ने सोमवार को कहा कि चीन और तालिबान को रोकने के लिए अमेरिका को भारत के साथ अपने संबंध मजबूत करने होंगे। क्वाड शिखर सम्मेलन की सफलता से उत्साहित सांसद मार्क ने मीडिया प्रतिष्ठान रियल क्लियर डिफेंस के एक लेख में लिखा, 'रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में हमारा पहला कदम भारत को आवश्यक सैन्य उपकरण मुहैया करवाना होना चाहिए, ताकि चीन व अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ संतुलन बनाया जा सके।'

उन्होंने कहा कि चीन के उभार से निबटने के लिए अमेरिका को भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी मजबूत करनी चाहिए। वर्ष 2017 में क्वाड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलाग (क्वाड) के गठन के बाद से अमेरिका व भारत के बढ़ते संबंधों से वह उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति बाइडन की हिंद-प्रशांत रणनीति के केंद्र में हमेशा भारत ही रहेगा। उन्होंने लिखा, 'भारत की रक्षा प्रणाली को उन्नत करने में मदद देकर अमेरिका उसे इतना सशक्त बना सकता है कि वह अपनी रक्षा करने के साथ हिंद महासागर व पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र की भी सुरक्षा कर सके। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद यह और भी अहम हो गया है।'

उधर, वरिष्ठ सांसद राबर्ट मेनेंडेज ने कहा है कि अमेरिका की विदेश नीति देश के मूल्यों पर आधारित और भारत, जापान व आस्ट्रेलिया जैसे सहयोगी देशों के अनुरूप होनी चाहिए। सीनेट की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष मेनेंडेज ने राष्ट्रपति जो बाइडन के उस ट्वीट को भी रीट्वीट किया, जिसमें उन्होंने व्हाइट हाउस स्थित ट्रूमैन बालकनी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत तीन अन्य क्वाड नेताओं के साथ अपनी तस्वीर साझा की थी। सांसद बिल नेलसन ने कहा कि वह नए क्वाड कार्यकारी समूह के बारे में जानकर उत्साहित हैं जो अमेरिका के सहयोगी देश भारत, जापान व आस्ट्रेलिया को अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा देगा। एशिया, प्रशांत, मध्य एशिया व अप्रसार पर प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की उपसमिति के अध्यक्ष सांसद एमी बेरा ने भी क्वाड देशों के पहले नेता-स्तरीय शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए बाइडन की सराहना की।

Edited By: Ramesh Mishra